बलिया
बलिया में बढ़ेगा सब्जियों और फलों का निर्यात, यह है सरकारी की प्लानिंग
पूर्वांचल की भूमि बहुत उपजाऊ है और यही वजह है कि बलिया देवरिया समेत पूरा क्षेत्र खाद्यान्न उत्पादों की दृष्टि से समृद्ध है। अब यहां सब्जियों और फलों का निर्यात भी बढ़ेगा।
बता दें कि बुधवार को सलेमपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने लोकसभा में फलों और सब्जियों के निर्यात का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश में निर्यात बढ़ रहा है। बलिया, देवरिया समेत पूर्वांचल की जमीन कृषि की दृष्टि से बेहद अच्छी है। यहां फलों और सब्जियों के निर्यात की बड़ी संभावनाएं हैं। लेकिन वर्तमान में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कोई भी तंत्र विकसित नहीं किया गया है। ऐसे में उन्होंने सरकार से निर्यात की संभावनाओं को लेकर सवाल किया।
जिस पर जबाव देते हुए केंद्रीय निर्यात मंत्री अनुप्रिया सिंह पटेल निर्यात को लेकर अपनी सहमति दी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन हैं। जिसे डिस्ट्रिक्ट लेवल पर एपीडा के माध्यम से जोड़कर कोई भी कृषि उत्पाद जिसमें निर्यात के लिए कोई पोटेंशियल पाया जाता है उसे शामिल किया जाएगा। बता दें कि एपीडा यानि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण भारत सरकार के द्वारा 1985 में संसद द्वारा पारित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था। जो कि निर्यात संबंधी मामले देखता है।
ऐसे में एपीडा के माध्यम से कृषि उत्पादों को डिस्ट्रिक्ट लेवल एक्सपोर्ट प्लान में सम्मिलित कर उसके संवर्धन और निर्यात का प्रबंध किया जाएगा। ताकि निर्यात को बढ़ावा मिल सके और क्षेत्रीय उत्पादों को विश्वस्तर पर पहचान मिले।
बलिया
Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured2 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


