बलिया
होली पर बलिया में छलके इतने करोड़ के जाम, आबकारी विभाग को भारी मुनाफा
बलिया में आम दिनों की आपेक्षा होली के त्योहार पर 3 गुना ज्यादा शराब की बिक्री हुई। ज्यादा बिक्री से आबकारी विभाग को भारी मुनाफा हुआ है। बता दें करीब 3 करोड़ की शराब बलियावासी होली के त्योहार पर पी गए। सबसे ज्यादा बिक्री अंग्रेजी शराब की हुई थी। जिले में दो दिन होली मनाई गई ऐसे में दो दिन शराब की दुकान बंद रहीं। लेकिन बंदी के बावजूद रोजाना की तुलना में ज्यादा की शराब बिकी।
बता दें होली को लेकर दुकानदारों ने हर महीने से ज्यादा माल का उठाया था। होली दो दिन होने के कारण दुकान 18 को बंद रही। होली के एक दिन पहले 17 मार्च को सुबह से देर रात तक शराब की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रही। इससे कई दुकानों पर अंग्रेजी ब्रांडेड शराब का स्टॉक जल्द ही खत्म हो गया। शनिवार को जब दोपहर दो बजे दुकानें खुलीं तो लोगों को बचे हुए माल से काम चलाना पड़ा। गोदाम पर माल उठान के लिए दुकानदारों की भारी भीड़ रही।
होली पर शराब बिक्री को लेकर जिला आबकारी अधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि होली त्योहार पर आम दिनों की अपेक्षा दोगुना से तीन गुना शराब की बिक्री बढ़ जाती है। जिले में हर दिन देसी और अंग्रेजी शराब की औसतन 1.10 करोड़ की बिक्री होती है। होली पर बंदी के बावजूद बिक्री अच्छी रही। लगभग 3 करोड़ की शराब होली पर बिकी। जिससे आबकारी विभाग को काफी फायदा हुआ है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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