बलिया
मतदान संपन्न, अब मतगणना की तैयारी, कुल 98 टेबलों पर होगी वोट काउंटिग, ऐसी हैं व्यवस्था
बलिया में सात विधानसभा क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो चुके हैं। 10 मार्च को वोट काउंट होना है। इसको लेकर तैयारियां की जा रही है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रों में 14-14 टेबल बनाए जाएंगे और 98 टेबलों पर मतगणना होगी।
मतगणना की तैयारियों में प्रशासन जुटा है। मतगणना के लिए प्रत्येक गणना टेबल पर सुपरवाइजर, एक माइक्रोआब्जर्बर, मतगणना सहायक व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को तैनात किया जाएगा। यानि कि प्रत्येक टेबल पर चार कर्मचारी होंगे। कुल 532 कार्मिक मतगणना में लगेंगे। वहीं प्रत्येक विधानसभा में एक टेबल आरओ तथा एक टेबल एआरओ के लिए होंगे, जबकि तीन-तीन टेबल रिजर्व रखे जायेंगे। इस हिसाब से सातों विधानसभा के लिए 133 टेबल बनाये जायेंगे।
वहीं जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उनको एनआईसी की ओर से दे दी गयी है। लेकिन अभी ये नहीं बताया गया है कि विधानसभा के किस टेबल पर उन्हें मतों की गणना करना है। इसकी जानकारी 12 घंटे पहले दी जाएगी। निर्वाचन आयोग के आदेश पर जिला प्रशासन मतगणना को पारदर्शी व निष्पक्ष सम्पन्न कराने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
वहीं मंडी परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रुम में ईवीएम रखी गई है। जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व फोर्स को सौंपी गयी है। सशस्त्र जवान जगह-जगह बंकर बनाकर इसकी निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है। मंडी समिति के कोने-कोने की निगहबानी के लिये चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। राजनीतिक दल के तीन-तीन सदस्यों को जिला प्रशासन की ओर से स्ट्रांग रुम की निगरानी के लिये पास जारी किया गया है। वह आठ-आठ घंटे मंडी परिसर में रह सकते हैं। वहीं आने-जाने वाले कर्मचारियों के नाम भी रजिस्ट्रर में लिखकर उन्हें अंदर जाने दिया जा रहा है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
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