बलिया
15 नंवबर तक शुरु हो जाएगा रसड़ा स्थित अत्याधुनिक बिजली ट्रांसमिशन, चार उपकेंद्रों को मिलेगी बिजली
बलियाः रसड़ा व आसपास के क्षेत्रवासियों को अब बिजली संकट से मुक्ति मिलने वाली है। यहां अत्याधुनिक बिजली ट्रांसमिशन से 15 नंवबर तक बिजली सप्लाई शुरु हो सकती है। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए 500 व 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर चार्ज करने के लिए भोपाल से टीम आई है।
475 करोड़ की लागत और 10 हेक्टेयर में बना यह अत्याधुनिक ट्रांसमिशन नागपुर गांव में कताई मिल पर स्थित है। यह पूर्वांचल का पहला अत्याधुनिक 400 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र है। जिसे जुलाई में ही ऊर्जाकृत (चार्ज) कर दिया गया था। अब 500 व 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर चार्ज के लिए भोपाल से टीम को बुलाया गया है।
इस बिजली ट्रांसमिशन से रसड़ा, कासिमाबाद, बलिया के साथ गाजीपुर के उपकेंद्र को भी बिजली दी जाएगी। बाद में मऊ के उपकेंद्र भी शामिल किए जाएंगे। साथ ही रेलवे व कृषि से जुडे़ सब स्टेशन भी शामिल होंगे। इससे करीब 10 लाख लोगों लाभान्वित होंगे।
बता दें कि यह सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटिक है। इस प्रोजेक्ट की कार्यदायी एजेंसी बीएचईएल है। गैस इंसुलेटेड सिस्टम के जरिये लोड को नियंत्रित किया जा सकेगा। वहीं उप्र पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड अधिशासी अभियंता खालिद फजल ने जानकारी देते हुए बताया कि इब्राहिमपट्टी व कसारा पावर ग्रिड से जुड़ने वाले ट्रांसमिशन केंद्र से अगले माह से बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। परिवर्तक ट्रांसफार्मर चार्ज होने के बाद चार उपकेंद्रों को बिजली मिलने लगेगी। अन्य की लाइन का काम पूरा होने पर आपूर्ति होगी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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