Connect with us

बलिया

यात्रीगण कृपया ध्यान दें… कोहरे धुंध व खराब मौसम के कारण निरस्त रहेंगी यह ट्रेनें

Published

on

बलियाः बरसात का मौसम जाने के बाद हल्की गुलाबी ठंड की शुरुआत हो जाती है। दिसंबर आते-आते कड़क सर्दी पड़ने लगती है। सुबह कोहरे और खराब मौसम से ट्रैफिक बाधित होता है। रेलों के संचालन में काफी ज्यादा परेशानी होती है। इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे विभाग ने एक दिसम्बर से 28 फरवरी 2022 तक कई ट्रेनों के निरस्त करने की घोषणा की है।

सर्दियों के मौसम में कोहरे, धुंध के कारण रेलों के संचालन में खासी दिक्कत आती है। विभिन्न रुट्स पर कोहरे के बादल छा जाते हैं जिसके चलते कई बार ट्रेनों के आपस में टकराने की स्थिति भी बन जाती है। कई बार कोहरे के कारण रेल हादसे हो जाते हैं। जिसके चलते रेलवे विभाग ने कुछ ट्रेनें बंद करने का ऐलान किया है।

निरस्त हुई ट्रेनों में सबसे ज्यादा छपरा रुट की हैं। इनमें छपरा से चलने वाली छपरा-लखनऊ (05053) विशेष गाड़ी शामिल है जो कि चार दिसंबर से तीन मार्च तक निरस्त रहेगी। छपरा से एक दिसम्बर से 28 फरवरी तक चलने वाली छपरा-वाराणसी सिटी (05111) विशेष गाड़ी निरस्त रहेगी। छपरा से दो दिसम्बर से एक मार्च तक चलने वाली छपरा-फर्रूखाबाद (05083) विशेष गाड़ी निरस्त रहेगी। छपरा से चलने वाली छपरा-दुर्ग (05159) विशेष गाड़ी की आवृत्ति में कमी की गई है। यह गाड़ी छपरा से 1 दिसंबर से 27 फरवरी 2022 तक दिन प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार एवं रविवार को निरस्त रहेगी।

साथ ही रेलवे विभाग ने लखनऊ, वाराणसी, व फर्रूखाबाद स्टेशन से जाने वाली ट्रेनों को भी निरस्त किया है। लखनऊ से एक दिसम्बर से 28 फरवरी तक चलने वाली लखनऊ-छपरा ( 05054) विशेष गाड़ी निरस्त रहेगी।  फर्रूखाबाद से तीन दिसम्बर से दो मार्च तक चलने वाली फर्रूखाबाद-छपरा (05084) विशेष गाड़ी निरस्त रहेगी। वाराणसी सिटी से एक दिसम्बर से 28 फरवरी तक चलने वाली वाराणसी सिटी-छपरा (05112) विशेष गाड़ी निरस्त रहेगी। दुर्ग से चलने वाली दुर्ग-छपरा (05160) विशेष गाड़ी 2 दिसंबर से 26 फरवरी 2022 तक दिन प्रत्येक मंगलवार, बृहस्पतिवार एवं शनिवार को निरस्त रहेगी।

इन ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को परेशानी होगी लेकिन अच्छी बात है कि रेलवे ने ट्रेनों के निरस्तीकरण की लिस्ट पहले जारी कर दी है जिससे अब आम आदमी अपने प्लान में चेंज भी कर सकता है साथ ही अन्य रुट्स से सफर कर सकता है।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बलिया

Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े

Published

on

This content is password protected. To view it please enter your password below:

Continue Reading

बलिया

Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े

Published

on

This content is password protected. To view it please enter your password below:

Continue Reading

featured

फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

Published

on

बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!