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बलिया स्पेशल

बलिया- फ़र्ज़ी वोटर लिस्ट में सुधार नहीं कर रहे अधिकारी, क्या ऐसे रुकेगी चुनाव में धांधली?

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बलिया डेस्क : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य जोरों पर है। इसी क्रम में दुबहर ब्लाक अंतर्गत बाबूराम तिवारी के छपरा गांव में एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है, जिससे आप भी सहज आकलन कर सकते हैं कि चुनाव में किस तरह घालमेल होता है।

दरअसल इस ग्राम सभा के मकान नंबर ४६ में वास्तव में मतदाताओं की संख्या सिर्फ छह है, लेकिन निर्वाचन कार्यालय की मेहरबानी और एसडीएम के आशीर्वाद से उक्त मकान संख्या में ३२ फर्जी मतदाता पैदा हो गए हैं और इस प्रकार मकान संख्या ४६ में कुल मतदाताओं की संख्या ३८ हो गई है। इसकी शिकायत बीते महीने जब एसडीएम सदर राजेश यादव से की गई तो उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है, इसकी मैं स्वयं जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करूंगा।

आवश्यकता पड़ी तो एफआईआर भी कराऊंगा, लेकिन अफसोस बादल गरजे लेकिन बरसे नहीं है। कहना गलत नहीं होगा कि एसडीएम साहब फर्जी मतदाताओं से दिल्लगी कर बैठे हैं, तभी तो बीएलओ की रिपोर्ट देने के बाद भी फर्जी मतदाता अभी भी मकान संख्या ४६ में कायम है। मामला गंभीर है, मैं इनकी जांच करूंगा, बीएलओ की संलिप्तता साबित हुई तो कार्रवाई करते हुए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। कुछ इस तरह का बयान सदर एसडीएम राजेश यादव ने उस समय दिया था जब दुबहर विकास खंड अंतर्गत बाबूराम तिवारी छपरा गांव में आठ सदस्यीय परिवार को मतदाता सूची में ३८ दिखाया गया था।

बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही गई थी। इसके बाद भगवान जाने कैसी जांच हुई बीएलओ ने अपनी गलती सुधारते हुए परिवार के सदस्यों को सही-सही छह बनाकर रिपोर्ट निर्वाचन कार्यालय में दे दिया था। सूची निकाली गई तो देखा गया कि सूची में नाम जस का तस है। मकान संख्या ४६ में पहले ३८ सदस्यों का नाम था, वैसा ही अभी भी बरकरार है। इसके बाद मामला जब एसडीएम के पास पहुंचा तो लगा कि अब गलती सुधर जाएगी और अपात्र स्थान छोड़ देंगे।

लेकिन अफसोस बीते शुक्रवार को जो सूची निकाली गई उसमें अभी भी फर्जी मतदाता चिपके हुए हैं। ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि इन फर्जी मतदाताओं से शायद एसडीएम दिल्लगी कर बैठे है, तभी तो तीन-तीन बार शिकायत के बाद भी फर्जी मतदाता सूची से हटने का नाम नहीं ले रहा है। अब उपरोक्त घटनाक्रम से आप भी सहज ही आकलन कर सकते हैं कि आने वाला पंचायत चुनाव कितना शुचितापूर्ण होगा।

“अपात्र नहीं हटे तो हटना पड़ेगा एसडीएम को”
बलिया। बाबू राम तिवारी के छपरा के निवर्तमान प्रधान वीरेंद्र प्रसाद मतदाता सूची में धांधली को देखते हुए जिलाधिकारी बलिया और मुख्य विकास अधिकारी बलिया को पत्र देकर मकान नंबर ४६ के फर्जी मतदाताओं का नाम काटने और अधिकारियों की मिलीभगत से १५० जायज मतदाताओं का नाम जो सूची से काट दिया गया है, उसको सूची में सम्मिलित करने की मांग की है और कहा है कि यदि इस बार अपात्र नहीं हटे तो एसडीएम की खैर नहीं।

एसडीएम सदर राजेश यादव ने कहा है कि यदि सूची से फर्जी मतदाताओं का नाम नहीं हटा तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं जल्द ही दिखवाकर ठीक करवा रहा हूं।

बलिया स्पेशल

बलिया विधानसभा सर्वे 2027

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2027 का विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहा है और बलिया नगर सीट पर सियासी हलचल तेज़ है। विधायक दयाशंकर सिंह के कामकाज को आप कैसे आंकते हैं? क्या उन्हें फिर से मौका मिलना चाहिए, और 2027 में आप किस पार्टी और किस चेहरे को विधायक के रूप में देखना चाहते हैं? बलिया ख़बर के इस सर्वे में अपनी राय दर्ज करें।

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बलिया BJP की इनसाइड स्टोरी! संगठन में पद की लड़ाई अश्लील वीडियो तक आई?

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बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने अब संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन में पद और प्रभाव की लड़ाई का विवाद इतना बढ़ गया कि मामला निजी वीडियो तक जा पहुंचा? सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण के पीछे संगठन में पद पाने की कथित होड़ और आपसी राजनीतिक खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी।

क्या है पूरा मामला?: बांसडीह थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

मामले में नामजद आरोपियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वीडियो कॉल के दौरान उसका निजी वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके प्रसारित होने की जानकारी उसे बातचीत के दौरान मिली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित बातचीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात भी कही है।

पद की कथित लड़ाई से जुड़ा दूसरा एंगल : सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों के बीच कथित तौर पर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। इसी खींचतान के बीच विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को निशाने पर लेने और फंसाने के लिए मामले का फायदा उठाया।

सूत्रों का यह भी कहना है कि संगठनात्मक पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच व्यक्तिगत विवाद भी जुड़ता चला गया और आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, यह दावा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है कि कथित संगठनात्मक खींचतान का इस मामले से वास्तव में कोई सीधा संबंध है या नहीं।

जिले से लेकर लखनऊ तक मामला पहुंचाने की होड़?: इस पूरे प्रकरण को लेकर सूत्र एक और महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिले से जुड़े भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेता कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता इस प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

यानी एक तरफ मामले को स्थानीय स्तर पर संभालने और शांत कराने की कोशिश की चर्चा है, तो दूसरी तरफ इसे पार्टी के उच्च स्तर तक ले जाने की कवायद की बात सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे भी संगठन में पद और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक वजह हो सकती है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज: मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्य और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए कथित वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

फिलहाल बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला केवल निजी वीडियो के कथित प्रसार का है या इसके पीछे संगठनात्मक पद की कथित लड़ाई, आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान की भी कोई भूमिका रही है।

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उत्तर प्रदेश

बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में

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मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।

प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।

टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।

टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।

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