बैरिया
बलिया: सड़क हादसे में किशोर की गई जान, विरोध में लोगों ने किया चक्का जाम, मौक़े पर पहुँचे सांसद
बैरिया डेस्क : यातायात नियमों का अनुपालन न होने तथा रफ्तार की मार से बलिया में सड़क हादसे रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। प्रशासन की ओर से जागरुकता अभियान चलाने के बाद भी हादसे थमने का नाम ही नहीं ले रहा। रविवार को भी हादसा किशोर के साथ पेश आया जहाँ उसकी जान चली गई ।
बताया जाता है कि खेत मे सिचांई कर रहे पिता को खाना पहुचां कर घर लौट रहे किशोर को सोनबरसा गांव के समीप एनएच 31 पर पिकअप ने रौंदा डाला। जिसके बाद घटना स्थल पर ही किशोर की हुई मौत चालक पिकअप लेकर फरार हो गया। विरोध में ग्रामीणों ने एनएच 31 घण्टो जाम कर दिया।
जानकारी के मुताबिक सुनील माली 15 वर्ष पुत्र भूलन माली निवासी सोनबरसा रविवार को दिन में लगभग 11 बजे खेत मे काम कर रहे पिता को खाना पहुचां कर घर वापस लौट रहा था। कि सोनबरसा गांव के सामने एनएच 31 पर बिहार से तेज रफ्तार आ रही पिकअप ने सुनील को रौंद दिया,जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गयी।
ग्रामीण जब तक मौके पर जुटते पिकअप चालक पिकअप लेकर मौके से फरार हो गया।विरोध में शव को सड़क पर रखकर ग्रामीणों ने एनएच 31 को जाम कर दिया,जिससे वाहनों की लम्बी कतार एनएच पर लग गयी,और जाम की स्थिति पैदा हो गयी। मौके पर पहुचे एसएचओ संजय त्रिपाठी ने जाम कर रहे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया किन्तु ग्रामीण पुलिस को देखते ही उग्र हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे।
घटना स्थल पर पहुचे सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त ने ग्रामीणों से बातचीत के बाद मौके से ही डीएम,एसडीएम व सीओ से बात की और तत्काल मौके पर पहुचंकर जाम समाप्त कराने और मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलवाने को कहा। जिसके बाद सपा नेता मनोज सिंह अपने लाव लश्कर के साथ मौके पर पहुचकर सड़क दुर्घटना पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन को जिम्मेवार ठहराया और तत्काल पीड़ित को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
दुर्घटना के लगभग तीन घण्टे बाद क्षेत्राधिकारी आर के तिवारी के साथ मौके पर पहुचे उपजिलाधिकारी प्रशान्त कुमार नायक ने 10 दिनों के भीतर मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने व सोनबरसा मोड़ पर गति अवरोधक बनवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सड़क जाम समाप्त हो गया।
एसएचओ संजय त्रिपाठी ने बताया कि दुर्घटना करने वाली पिकअप को बरामद कर चालक प्रिंस मिश्र निवासी केवरा थाना बांसडीह कोतवाली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।पिता के तहरीर पर सम्बन्धितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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बैरिया विधानसभा सर्वे 2027
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल के कार्यकाल में सड़क, रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाढ़ जैसे मुद्दों पर क्षेत्र को क्या मिला? आप उनके काम को कितने नंबर देंगे और 2027 में किसे विधायक देखना चाहते हैं? बलिया ख़बर के सर्वे में हिस्सा लें।
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आजाद अधिकार सेना ने ओम प्रकाश को सौंपी बलिया जिलाध्यक्ष की कमान
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने क्षेत्र के पिपरियाटा निवासी ओम प्रकाश गिरी को बलिया जनपद का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, कर्ण छपरा निवासी त्रिवेणी सिंह को बैरिया विधानसभा क्षेत्र का अध्यक्ष बनाया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दोनों पदाधिकारियों को संगठन के साथ मिलकर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का निर्देश दिया है।
ओम प्रकाश गिरी ने कहा कि संगठन द्वारा उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना संगठन की प्राथमिकता होगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी को गांव-गांव तक मजबूत किया जाएगा और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
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मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा इब्राहिमाबाद का पॉलीटेक्निक
बलिया के बैरिया क्षेत्र के इब्राहिमाबाद में करोड़ों की लागत से बने राजकीय पॉलीटेक्निक बनाया गया था। अब इसे जननायक स्व. बाबू मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की पहल पर प्रदेश सरकार और राज्यपाल की ओर से इसकी मंजूरी मिल गयी है।
बता दें कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश की पिछली सरकार में करीब 19 करोड़ रुपए खर्च कर इब्राहिमाबाद में राजकीय पॉलीटेक्निक का निर्माण कराया गया था। इसका लोकार्पण तत्कालीन विधायक सुरेन्द्र सिंह ने किया था।
कुछ दिनों पहले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने राजकीय पॉलीटेक्निक का नाम अपने मामा और बलिया के गांधी व बैरिया के मालवीय कहे जाने वाले पूर्व विधायक मैनेजर सिंह के नाम पर करने की पहल की थी। इसके लिए उन्होंने शासन को पत्र लिखा था।
अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। गुरुवार को परिवहन मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शासन से मंजूरी के बाद राज्यपाल की ओर से नामकरण की अनुमति मिल गयी है।
खास बात है कि मैनेजर सिंह ने बेरिया क्षेत्र में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के कई केन्द्र स्थापित किए। हालांकि किसी से उन्होंने अपना नाम नहीं जोड़ा। राजकीय पॉलीटेक्निक का नामकरण उनके नाम पर होना स्व. सिंह के प्रति श्रद्धांजलि है।
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