बलिया की स्वतंत्रता को 80 साल पूरे होने पर जहाँ आज शहीदों को याद किया गया वहीं स्वतंत्रता आंदोलन के 80वें साल में संकल्प संस्था ने 80 कलाकारों के साथ 80 मिनट की नाट्य प्रस्तुति दी और बलिया के रंगमंच पर एक नया आयाम स्थापित किया। बलिया बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर क्रांति – 1942 नाटक की प्रस्तुति बापू भवन में हुई जहां 1942 में आजादी की पहली घोषणा हुई थी। कलाकारों ने 1942 के बलिया को मंच पर जीवंत कर दिया।
दर्शकों से खचाखच भरे बापू भवन में सैकड़ों लोगों ने खड़े होकर प्रस्तुति को देखा और खुले मन से संकल्प के इस प्रयास की सराहना की। लगभग डेढ़ घंटे की इस नाट्य प्रस्तुति ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से 1942 के बलिया को मंच पर जीवंत कर दिया। कलाकारों के अभिनय का जादू दर्शकों पर इस कदर हावी हो गया कि कलाकारों के साथ दर्शक भी भारत माता की जय और अंग्रेजो भारत छोड़ो का नारा लगाने लगे।
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