इस साल 2019 में बलिया में हुए सड़क हा’दसों के आकड़े जारी हो गए हैं. यह आकड़े वाकई में सिरहन पैदा करने वाले हैं. आपको बता दें कि फिल हाल यह साल ख़त्म नहीं हुआ है और अब तक बलिया में 294 सड़क हा’दसे हो चुके हैं. इन हादसों में 231 लोगों ने अपनी जा’न गवा दी है. वहीँ इनमे 237 लोग गंभीर रूप से घा’यल हुए. इसके अलावा सबसे ज्यादा दुर्घटना सुखपुरा इलाके में हुई.
लेकिन फिल हाल ई हा’दसों ने भी तक न तो परिवहन विभाग ने अपनी आँखें खोली हैं और न ही यातयाता पुलिस ने. आम लोग भी यातायात के नियम का पालन नहीं करते हैं. ट्ट्रैफिक नियम मानने को कोई तैयार नहीं है. इस मामले पर सहायक संभागीय परिवहन (प्रशासन) राजेश्वर यादव का कहना है कि क्रेंद्र सरकार की गाइड लाइन है कि जिस जगह पर तीन सालों में दस मौ’तें हो गयीं, उसे उसे एक्सी’डें’टल जोन माना जाए.
ऐसे में इस साल बलिया में सात एक्सीडेंटल जोन को चिहि्नत किया गया.इन सात ए’क्सी’डेंटल जोन में चौकियां मोड़ से लेकर सोहांव, रसड़ा महतवार, सुखपुरा चौराहा और बलेसरा के साथ साथ सोहांव और चिरैया मोड़ शामिल हैं. वहीँ सीओ सिटी और यातायात पुलिस नोडल अधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि सड़क हाद’सों पर काबू पाने के लिए नुक्कड़ नाटक से लेकर तमाम ज़रियों से लोगों को जागरूक करने की लगातार कोशिश की जा रही है.
इसके अलावा यातायात के नियम न मानने वालों के खि’लाफ भी सख्ती से कार्यवाही की जा रही है. उन्होंने आगे बताया कि उनकी पूरी कोशिश है कि बलिया में सड़क हाद’से पूरी तरह से रुक जाएँ. इसके लिए कोशिश जारी है. बहरहाल, इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि इन हा’दसों के होने की एक बड़ी वजह खस्ताहाल सड़कें भी हैं. ऐसे में सड़कों को दुरुस्त करने की भी ज़रुरत है.
फेफना (बलिया)। क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के नेतृत्व में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे बोर्ड…
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय…
बलिया जिले की फेफना विधानसभा क्षेत्र के तीखा गांव में टोंस नदी तट पर स्थित…
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से…