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बलिया। फिल्म ‘कागज़’ की कहानी जैसा एक मामला बलिया से सामने आया है। यहां एक ज़िंदा महिला को दस्तावेज़ों में मृत घोषित कर दिया गया है। सरकारी महकमों की इस लापरवाही के चलते महिला को अब विधवा पेंशन और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे महिला का जीवन बेहद दुश्वार हो गया है।
पीड़ित महिला का नाम यमुना देवी है, जो बेलहरी ब्लाक के ग्राम सभा दीघार के पचरूखिया की रहने वाली एक विधवा है। यमुना देवी सरकार से मिलने वाली विधवा पेंशन योजना के सहारे ही अपना और अपने बच्चों का पेट पाल रही थीं। लेकिन पिछले सात महीनों से उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला है। ऐसे में उनके सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है। यमुना देवी को सरकारी योजनाओं का लाभ अब इसलिए नहीं मिल रहा क्योंकि उन्हें सरकारी दस्तावेज़ों में जीवित होते हुए भी मृत घोषित किया जा चुका है। ब्लॉक के कर्मचारियों द्वारा डीपीओ कार्यालय में उनके मृत होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
हालांकि ये नहीं पता चल सका है कि ये रिपोर्ट किसने, कब और किस आधार पर लगाई। फिलहाल अधिकारी भी इसका जवाब देने से बचते नज़र आ रहे हैं। अधिकारियों से जब इस मामले में सवाल पूछा जा रहा है तो वो जांच की बात कर रहे हैं।
लेकिन ये जांच कब पूरी होगी और पीड़िता को कब इंसाफ़ मिलेगा इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है। सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही के चलते यमुना देवी सिर्फ विधवा पेंशन योजना से ही नहीं बल्कि और भी सरकारी योजनाओं से वंचित हो गई हैं। उन्हें सरकार की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है। जिसके चलते उन्हें आज भी बूढ़े व कमज़ोर हाथों से मिट्टी के चूल्हा पर ही खाना बनाना पड़ रहा है।
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