बलिया डेस्क: कोरोना के प्रकोप को सोशल डिस्टेंसिंग से ही खत्म किया जा सकता है. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट द्वारा जेलों में बंद सजायाफ्ता कैदियों को पैरोल व विचाराधीन कैदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़े जाने के निर्णय के बाद बलिया जिला कारागार में 12 सजायाफ्ता कैदियों को पैरोल मिलने का रास्ता साफ हो गया है.
जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया कि 12 सजायाफ्ता कैदियों की सूची तथा 44 विचाराधीन कैदियों की सूची बनाकर शासन को भेज दिया गया है. निर्णय आने के बाद 7 वर्ष अथवा उससे कम की सजा से दंडित 12 सजायाफ्ता कैदियों को 8 सप्ताह के लिए निजी मुचलका लेते हुए पैरोल पर छोड़े जाएंगे. जबकि 44 विचाराधीन कैदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़े जाएंगे.
जेल से पहले जाएंगे अस्पताल फिर जाएंगे घर
ऐसा नहीं कि कैदी रिहा होते ही घर चला जाएगा, बल्कि पहले कैदियों को जिला अस्पताल भेजा जाएगा, जहां बकायदा हर एक चीज की जांच होने के उपरांत उसे घर के लिए रवाना किया जाएगा. जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य की मानें तो वैसे जेल के 10 बैरकों को हर रोज सैनिटाइज किया जा रहा है तथा कैदियों का नियमित मेडिकल चेकअप भी किया जा रहा है. बावजूद जिला जेल से जब कैदी छोड़े जाएंगे, उसको पहले जिला अस्पताल भेजा जाएगा, जहां जांच के बाद ही उसे घर के लिए रवाना किया जाएगा.
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