बलिया। जनपद में घाघरा में हो रही बढ़ोत्तरी से लोग गांव से निकलकर परिवार समेत अपने माल मावेशियों के साथ सड़कों पर रहने को मजबूर है। वहीं गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से कटान में तेजी आ गयी है। जिससे घर, खेत, खलिहान सभी गंगा में समा जा रहे है। वहीं द्वाबा क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में शुक्रवार को 150 वर्ष से भी पुराना शिव मन्दिर गंगा नदी के कटान का भेंट चढ़ जिससे लोग अपने घर से निकल सुरक्षित स्थान की तलाश में लगे है।
मिली जानकारी के अनुसार घाघरा का जलस्तर शुक्रवार की सुबह 59.30 खतरे निशान से ऊपर पहुंच गई है। पानी से रामपुर नम्बरी रेगहा, चितविसाव, चक्रविलियम, कोलकला, बिन्दबस्ती, चाँदपुरदियरा, भागड़ सहित दर्जनों गांव पानी से घिर गये हैं। जिससे ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गयी है। आवागमन, नित्य क्रियाओं,मवेशियो के चारे के लाले पड़ने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं। वही पानी के बढ़ने से कुछ लोगो ने अपनी आशियाना को छोडकर पलायन करने पर मजबूर हो गये।
ग्रामीणों में शिवनरायण, दयाशंकर, शिवमुनी बिन्द आदि ने बताया कि फसल नदी में समाहित हो गई। स्कूली बच्चों को आने जाने में फजीहत उठानी पड़ रही है। वही बच्चें जब तक घर नही आ जाते तब तक चिन्ता लगी रहती हैं। चारों तरफ पानी से घिरने से ग्रामीणों में डर व्याप्त है।
वहीं जनपद में गंगा ने भी कहर परपाना तेज कर दिया है। एक तरफ बाढ़ तो साथ साथ कटान से लोग भयभीत है। कटान का आलम यह है कि शुक्रवार को दोकटी थाना क्षेत्र के जगदीश पुर गांव का 150 वर्ष से भी पुराना शिव मन्दिर गंगा नदी के कटान का भेंट चढ़ गया। तेज पुरवा हवा के चलते नदी में हल्फी उठ रही थी। जिसके कारण गंगा का पानी किनारे पर लड़ रहा था। जिसके कारण अपरान्ह में शिवमंदिर गंगा नदी में विलीन हो गया। हल्फी कटान से भी जगदीशपुर गांववासी भयभीत है। कारण कि जगदीशपुर गांव का अधिकांश घर नदी के कटान के मुहाने पर
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