लखनऊ में पुलिस हिरासत में मोहित पांडेय की मौत के बाद से पुलिस के ऊपर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। इस मामले में पुलिस का कहना है कि मोहित को लोहिया अस्पताल ले जाया गया गया, वहां उसकी मौत हुई। लेकिन परिजनों का कहना है कि पुलिस की पिटाई के कारण मोहित की मौत हुई।
मोहित पांडेय के चाचा ने बताया कि 25 अक्टूबर की रात में पुलिस वाले दोनों भाइयों को पकड़कर लेकर गए थे। रात भर उनको जेल में बंद रखा। किसी को मिलने नहीं दिया। बाद में एक भाई को इमरजेंसी में एडमिट करा दिया। उसको मरा हुआ अस्पताल में एडमिट करा दिया।
उन्होंने आरोप लगाया था कि दूसरे भाई को आने नहीं दे रहे हैं कि पोल खोल देगा। उन्होंने दावा किया कि विवाद के बाद थाने में कोई नेता आया था। उसी ने उसको मरवाया। जब उसकी मौत हो गई तब हम लोगों को इन्फॉर्म किया गया।
अब इस मामले में बलिया की 361 नगर विधानसभा के भानु दुबे ने कहा कि सरकार ने हर संभव मदद की घोषणा किए है, ताकि पीड़ित परिवार की जल्द से जल्द उचित न्याय मिल सके। पीड़ित परिवार को आर्थिक व शारीरिक मदद की घोषणा की गई है और पडित परिवार से जल्द ही मुलाक़ात भी करेंगे।
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