बलिया में चंद्रशेखर के खिलाफ मुलायम सिंह यादव क्यों नहीं उतारते थे प्रत्याशी?

बलिया। समाजवाद का एक स्तंभ उखड़ गया. मुलायम सिंह यादव नहीं रहे. लंबे समय तक बीमारी से जुझने के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में मुलायम सिंह यादव का निधन हो गया. 82 साल के इस पहलवान का जाना सबको सन्न कर गया. समर्थक फफकने लगे. परिवार में मातम पसर गया. विरोधी भी उनकी आत्मीयता याद कर भावुक हो गए. वो क्या बात थी कि मुलायम सभी के प्रिय रहे? पूर्व प्रधानमंत्री समाजवादी धुरंधर चंद्रशेखर और मुलायम सिंह यादव का एक किस्सा आपको बताते हैं जिससे आप समझ पाएंगे कि आखिर क्यों मुलायम से किसी का भी मनभेद नहीं रहा.

चंद्रशेखर और बलिया के रिश्ते की कहानी हर कोई जानता है. वो भारत के प्रधानमंत्री बन कर भी बलिया के चंद्रशेखर ही रहे अपने जीवन के आखिरी दिनों में चंद्रशेखर जब बलिया आए रेलवे स्टेशन पर हुजूम देखकर फफक कर रो पड़े थे चंद्रशेखर के जीवन की सबसे बड़ी तस्वीरों में से एक वही रेलवे स्टेशन की तस्वीर है बलिया लोकसभा सीट से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर 8 बार सांसद बने.

1992 में समाजवादी पार्टी की स्थापना हुई. सपा के गठन के बाद चंद्रशेखर ने 4 बार लोकसभा का चुनाव लड़ा. लेकिन इन चुनावों में समाजवादी पार्टी का कोई भी प्रत्याशी चंद्रशेखर के सामने चुनावी मैदान में नहीं उतरा. दरअसल मुलायम सिंह यादव के मन में चंद्रशेखर के प्रति सम्मान था जिसकी वजह से उन्होंने कभी बलिया लोकसभा सीट से उनके सामने उम्मीदवार नहीं उतारा.

चंद्रशेखर-मुलायम और सियासी उलटफेर:

1990-91 का दौर था. भारत में सियासी उलटफेर का दौर. सियासी आसमान में सितारों के नए संगठन का दौर. सितारों के स्थान बदलने का दौर. कई सितारों के जगमगाने का दौर. फक्कड़ स्वभाव और कभी समझौता ना करने वाले तेवर से भरे चंद्रशेखर ने अपनी पार्टी बनाई. चंद्रशेखर ने समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) का गठन किया. तब मुलायम सिंह यादव वीपी सिंह के साथ थे. जनता दल के से जुड़े हुए थे.

चंद्रशेखर ने पार्टी बनाई और मुलायम सिंह यादव उनके साथ आ गए. सियासत के पहलवान ने उन वीपी सिंह का साथ छोड़ दिया जिन्होंने उन्हें देश के सबसे बड़े सूबे का मुख्यमंत्री बनवाया था. खैर, मुलायम सिंह चंद्रशेखर की पार्टी में शामिल हो गए. लेकिन यहां भी वो ज्यादा दिन नहीं टिके. मोह भंग हुआ और नेताजी ने दूसरी राह पकड़ ली. वो राह जिसने उन्हें उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा नेता बना दिया. मुलायम सिंह यादव ने 1992 में अपनी पार्टी बनाई. पार्टी जो यूपी की सत्ता में लंबे समय तक काबिज रही. मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी का गठन किया.

बलिया में नेताजी ने नहीं उतारा प्रत्याशी:

1977 के चुनाव में पहली बार भारतीय लोकदल से चंद्रशेखर सांसद बने.1980 में जेएनपी पार्टी से सांसद चुने गए. 1984 में कांग्रेस के जगन्नाथ के हाथों हार मिली. 1989 के चुनाव में चंद्रशेखर जनता दल से फिर सांसद बने. 1991 के चुनाव में चंद्रशेखर जनता पार्टी से सांसद बने. अगले वर्ष 1992 आया. मुलायम सिंह यादव यानी नेताजी ने अपनी पार्टी बना ली. जिसका नाम रखा समाजवादी पार्टी.

सपा गठन के बाद पहला लोकसभा चुनाव हुआ 1996 में. लोकसभा का मैदान सज चुका था. सबकी नज़रें उत्तर प्रदेश में सपा पर थीं. बलिया में भी माहौल बना हुआ था. चंद्रशेखर एक बार फिर अपनी माटी पर अपनी किस्मत आजमाने के लिए तैयार थे. सियासी पंडित इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे थे कि क्या मुलायम सिंह यादव चंद्रशेखर के खिलाफ बलिया में प्रत्याशी उतारेंगे या नहीं? जो मुलायम सिंह यादव को जानते थे उन्होंने अंदाजा पहले ही लगा लिया था. हुआ भी वही. मुलायम सिंह यादव ने बलिया में समाजवादी पार्टी का कोई भी प्रत्याशी नहीं उतारा. चुनाव खत्म हुए और चंद्रशेखर एक बार फिर बलिया से सांसद चुने गए.

1996 के बाद 1998 में एक बार फिर लोकसभा के चुनाव हुए. 1999 में चुनाव हुआ और फिर 2004 की बारी आई. लेकिन किसी भी चुनाव में बलिया से समाजवादी पार्टी का कोई भी प्रत्याशी लोकसभा का चुनाव लड़ने मैदान में नहीं उतरा. वजह चंद्रशेखर के प्रति नेताजी के मन में सम्मान था. सियासी विरोधियों को चरखा दांव से पटखनी देने वाले मुलायम सिंह अपने गुरुओं का सम्मान करना जानते थे. रास्ते भले अलग हो गए. लेकिन जिनसे सफर के कायदे उन्होंने सीखे उनका आदर करना मुलायम सिंह यादव कभी नहीं भूले.

Kauser Usman

Recent Posts

सिकंदरपुर की सियासत में नया चेहरा, कौन हैं संजीव कुमार तिवारी? बिजनेस से राजनीति तक कैसे पहुंचा सफर?

बलिया। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में अब नए चेहरों की सक्रियता दिखाई देने लगी…

1 day ago

मेजर ध्यानचंद जयंती पर जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खेल सप्ताह का आगाज, कबड्डी में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

चितबड़ागांव (बलिया)। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में जमुना राम मेमोरियल…

2 weeks ago

आजाद अधिकार सेना ने ओम प्रकाश को सौंपी बलिया जिलाध्यक्ष की कमान

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने क्षेत्र के…

3 weeks ago

जमुना राम मेमोरियल स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास,…

4 weeks ago

सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल में बलिया का जलवा, जमुना राम मेमोरियल स्कूल बना उपविजेता

सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में बलिया की जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव की…

4 weeks ago

बलिया में विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

बलिया के नरही थाना गोलीकांड के शहीद विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को नरही…

4 weeks ago