बलिया डेस्क. लॉकडाउन की आड़ में पेड़ काटने का काम बेरोकटोक चल रहा है. कोरोना संकट के चलते जनपद में धारा 144 लागू है और तमाम प्रकार की आवाजाही व गतिविधियों पर रोक है, बावजूद वन माफिया आराम से सड़क के किनारे लगे पेड़ों को काटने के काम में मशगूल है. मौजूदा समय में जनपद के कई इलाकों में पेड़ काटने का काम बेरोकटोक जारी है, बावजूद इस ओर विभाग का ध्यान नहीं जा रहा है.
लॉकडाउन के कारण बेशक जनपद में संचालित आरा मशीनें बंद पड़ी है, लेकिन वन माफिया पेड़ काटने के काम को बड़े ही आराम से अंजाम दे रहा है. सोमवार को शहर से महज चार से पांच किमी की दूरी पर नसीराबाद गांव स्थित नेशनल हाईवे के सामने इसी प्रकार पेड़ काटने का काम धड़ल्ले जारी था, इस दौरान जब कुछ पत्रकार उसकी तस्वीर लेने लगा तो पेड़ काटने वाले पेड़ को सड़क पर ही छोड़कर भाग खड़े हुए. नसीराबाद की घटना को बानगीभर है, पूरे जनपद में इस समय लॉकडाउन की आड़ में हरे पेड़ों की कटाई का काम बेरोकटोक जारी है. गौर करने वाली बात यह है कि जब नेशनल हाईवे के किनारे पेड़ कटवा गिरोह इतना सक्रिय है तो गांवों में यह गिरोह कितना सक्रिय होगा, इसका अंदाजा आप सहज ही लगा सकते हैं. गौरतलब हो कि जनपद में पेड़कटवा गिरोह बराबर सक्रिय रहता है, लेकिन जिला वन विभाग कभी भी इन गिरोह पर कार्रवाई नहीं करता है. सूत्र की मानें तो वन क्षेत्राधिकारियों की भी इसमें मिलीभगत होती है.
वर्जन:
पेड़ कटने की बात मेरे संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा है तो निश्चित तौर पेड़ काटने के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी.
श्रद्धा यादव
जिला वन अधिकारी
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