आज बलिया बलिदान दिवस है। साल 1942 में आज के ही दिन में बलिया में ऐसा कुछ हुआ जो हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आज बलिया बलिदान दिवस पर भारत मां के वीर सपूतों को याद कर उन्हें श्रृद्धांजलि दी जा रही है। बलिया का हर एक शख्स वीर शहीदों की बलिदानी पर फ़क्र महसूस कर रहा है।
उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बलिया बलिदान दिवस ट्वीट कर कुछ खास बातें लिखीं। उन्होंने लिखा कि ‘बलिया बलिदान दिवस’ पर मॉं भारती के सपूतों को कोटिशः नमन व भावभीनी श्रद्धांजलि। सन 1942 में आज ही के दिन जनपद बलिया में ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लेते हुए सैकड़ों क्रांतिकारी जेल से स्वतंत्र कराए गए थे। महान क्रांतिकारी चित्तू पांडेय के नेतृत्व में लड़ी गई यह लड़ाई अविस्मरणीय है।
बलिया बलिदान दिवस पर जनपद में शहीदों की याद में आयोजन किए जाते हैं। लोग वीरों की वीरगाथा गाते हुए देशभक्ति की भावना का जनसंचार करते हैं। हालांकि इस बार कोरोना के चलते गाइलाइन का पालन करते हुए ही आयोजन किए जाएंगे। लेकिन परंपरा के अनुसार दिवस मनाया जाएगा।
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