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अब ट्रेन में बगैर टिकट सफर किया तो देना होगा 1000 रुपए जुर्माना!

भारतीय रेलवे यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी के अपने प्रयासों के तहत अब बेटिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ कड़ा नियम लाने जा रही है. इस नियम के लागू हो जाने के बाद ट्रेन में बगैर टिकट यात्रा करने वालों की खैर नहीं. दरअसल, पश्चिम रेलवे (WR) ने बेटिकट यात्रा करने वालों पर नकेल कसने के लिए रेलवे बोर्ड को इस संबंध में बने नियम को और सख्त करने का प्रस्ताव दिया है. पश्चिम रेलवे का प्रस्ताव अगर रेलवे बोर्ड मान लेती है तो ट्रेन में बेटिकट यात्रा करने पर अब 1000 रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा. अभी जुर्माने की रकम सिर्फ 250 रुपए है. वहीं, पश्चिम रेलवे ने बेटिकट यात्रियों पर सख्ती के लिए इस रकम को 4 गुना तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है.

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को दिया प्रस्ताव
हमारी सहयोगी वेबसाइट जीन्यूज.कॉम के अनुसार, पश्चिम रेलवे की तरफ से रेलवे बोर्ड को दिए गए प्रस्ताव पर बोर्ड ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है. रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया है. आपको बता दें कि अभी ट्रेन में बिना टिकट सफर करते हुए पकड़े जाने पर रेलवे की तरफ से 250 रुपए जुर्माना लगाया जाता है. पश्चिम रेलवे ने इस जुर्माने की राशि को बढ़ाकर सीधे 1000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है. रेलवे को उम्मीद है कि बेटिकट यात्रियों से वसूले जाने वाले जुर्माने की रकम में बढ़ोतरी करने से अवैध रूप से सफर करने वाले मुसाफिरों की संख्या में कमी आएगी.

4 लाख बेटिकट यात्रियों से 15 करोड़ जुर्माना
पश्चिम रेलवे अपने जोन के अधीन बेटिकट यात्रियों की धर-पकड़ के लिए पिछले कुछ महीनों से अभियान चला रही है. इसके तहत बड़ी तादाद में ट्रेनों में बिना टिकट सफर करने वाले यात्री पकड़े गए हैं. पश्चिम रेलवे के अनुसार अप्रैल में टिकट चेकिंग के दौरान ट्रेनों में बगैर टिकट सफर करने वाले 3.94 लाख मुसाफिरों को पकड़ा गया था. इन यात्रियों में निर्धारित क्षमता से अधिक सामान बुक कराए बिना लगेज ले जाने वाले मुसाफिर भी शामिल थे. इन सभी यात्रियों से रेलवे ने 15.34 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला था. 2018 के वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीने में वसूली गई जुर्माने की यह राशि, अप्रैल 2017 में वसूले गए जुर्माने से 26 प्रतिशत ज्यादा है.

पहले सिर्फ 50 रुपए लिया जाता था जुर्माना
गौरतलब है कि वर्ष 2002 तक रेलवे में बेटिकट यात्रियों से जुर्माने के बतौर सिर्फ 50 रुपए ही वसूले जाते थे. लेकिन 2002 में इस रकम को बढ़ाकर 250 रुपए कर दिया गया. रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि दैनिक रूप से सफर करने वाले यात्री यह सोचकर टिकट नहीं लेते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि पकड़े जाने के बाद जुर्माने की रकम देना, MST यानी मंथली पास लेने के मुकाबले सस्ता है. बता दें कि मध्य रेलवे में रोज करीब 3 हजार, जबकि पश्चिम रेलवे में करीब 1300 यात्री बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाते हैं.

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