बेल्थरारोड डेस्क : उत्तर प्रदेश सरकार ने सूबे के सभी गावों में ‘प्रधानी राज’ को बीते शुक्रवार 25 दिसंबर को रात 12 बजे के बाद पूरी तरह से खत्म कर दिया है। इसी के चलते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले उत्तर प्रदेश के हर जिले की ग्राम पंचायतों की कमान अब विकास खंडों के एडीओ पंचायत को सौंप दी गई है। प्रधानों ने अपने कार्यकाल में सरकारी पैसे को कहां-कहां और कितना इस्तेमाल किया, इसके सत्यापन के लिए जिला पंचायत अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ग्राम पंचायत में अब तक के कार्यकाल में ग्राम प्रधानों को आवंटित और 25 दिसंबर तक निकाली गई धनराशि से कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। इस कार्य के लिए जिला पंचायती राज अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप कर यह निर्देशित किया गया है कि वे टीम बनाकर ग्राम प्रधानों के कार्यकाल के दौरान कितनी धनराशि आवंटित की गई है और कितनी धनराशि निकालकर उनसे कितना विकास कार्य कराया गया है, इसका ब्यौरा पेश करें।
इसी क्रम में ग्रामीणों की शिकायत पर बृहस्पतिवार की सुबह विकास खण्ड सीयर के बिठुआँ गावं का दौरा एडीओ शशांक सिंह एवं सचिव अनिलेश ने किया जहाँ उन्होंने गावं में किये गए कार्यों एवं निकाले गये धन की जांच के मद्देनज़र गावं के लोगों से जानकारी इक्कठा की और ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए कार्यो का निरीक्षण भी किया जहां बहुत सारी कमियां पाई गई। वही ग्रामीणों ने एडीओ से शिकायत करते हुए प्रधान पर आरोप लगाया कि गावं में फर्जी ढंग से बिना कार्य कराये, धोखाधड़ी एवं कूटरचित कागजात तैयार कर ग्रामसभा निधि से लाखों रुपये का गबन किया गया है। हालाँकि एडीओ शशांक शुरू में कुछ भी कहने से बचते दिखे, लेकिन बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि गड़बड़ी की शिकायत पर यहाँ आया हूँ जांच के बाद ही कुछ कह पाऊंगा ।
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