बेल्थरा रोड: नगर पंचायत चुनाव जीतने के लिए बीजेपी का मास्टर प्लान ये है?

उत्तर प्रदेश में इन दिनों उपचुनाव की चर्चाएं तेज हैं. मैनपुरी, रामपुर और खतौली में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी पारा हाई है. लेकिन नेपथ्य में निकाय चुनाव की जमीन तैयार हो रही है. निकाय चुनाव को लेकर 29 नवंबर यानी कल का अपडेट ये है कि सीटों की आरक्षण सूची मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश किया जा चुका है. सीएम योगी से हरी झंडी मिलने के बाद आरक्षण सूची जारी होने की संभावना है. बहरहाल, निकाय चुनाव स्पेशल में यहां हम बात करेंगे बलिया ज़िले के बेल्थरा रोड नगर पंचायत की. जहां जीत के लिए के लिए बीजेपी ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है. तो दूसरी पार्टियां भी राजनीतिक समीकरण साधने की कवायद में जुटी हैं.

बेल्थरा रोड से फिल्हाल दिनेश कुमार गुप्ता नगर पंचायत अध्यक्ष हैं. एक बार फिर दिनेश कुमार गुप्ता चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं. दिनेश कुमार गुप्ता भाजपा से पीछली बार नगर पंचायत अध्यक्ष बने थे. उनके सामने प्रवीण नारायण गुप्ता, लखी गुप्ता, भगवती राजभर,
मनीष जायसवाल, कालिका प्रसाद गुप्ता, अवधेश यादव, शेख ऐजाजुद्दीन दावेदारी करते दिख सकते हैं.

बात करें बेल्थरा रोड नगर पंचायत की जनसंख्या की. यहां करीब 20 हजार से ज्यादा की आबादी रहती है. इसमें करीब 73 फीसदी जनसंख्या हिंदु समुदाय की है. तो वहीं करीब 26 फीसदी मुस्लिम समुदाय के लोग हैं. मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या हिंदुओं की अपेक्षा जरूर कम है. लेकिन हर बार इस वर्ग के मतदाता हार-जीत के बीच खड़े होते हैं. सियासी भाषा में कहें तो किंग मेकर की भूमिका निभाते हैं.

भाजपा का मास्टर प्लान:

बलिया ज़िला पूर्वांचल का हिस्सा है. निकाय चुनाव को जब 2024 लोकसभा चुनाव के लिहाज से देखा जाता है तो इसकी अहमियत बढ़ जाता है. हालांकि निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने अब तक उम्मीदवारों के पत्ते नहीं खोले हैं. सूत्र भाजपा के एक आंतरिक सर्वे के हवाले से बताते हैं कि बलिया और खासकर बेल्थरा रोड की लड़ाई इस बार भाजपा के लिए आसान नहीं है. स्थानीय स्तर पर पार्टी की गुटबाजी, एंटी इनकम्बेंसी, बड़ी संख्या में बगावत ने भाजपा की राहों में कांटे बिछा दिए हैं.

बीते महीने यूपी भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी बलिया के दौरे पर आए थे. इसके अलावा यूपी सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी कई बार बलिया के दौरे पर आ चुके हैं. पसमांदा मुसलमानों को रिझाने के लिए दानिश आजाद अंसारी को आगे किया जा रहा है. दानिश आजाद अंसारी का गृह जिला भी बलिया ही है. भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नगर पंचायत अध्यक्ष के पद पर पार्टी किसी मुसलमान प्रत्याशी को बैकडोर से मैदान में उतार या सपोर्ट कर सकती है. ताकि मुख्य प्रत्याशी की जीत के लिए मुस्लिम वोट के समीकरण को साधा जा सके.हालांकि मुस्लिम मतदाताओं के प्रभाव को कम करने के लिए भाजपा बलिया की कुछ और सीटों पर यहीं रणनीति अपनाने वाली है. वजह साफ स्थानीय स्तर पर पार्टी के नेतृ्त्व से मुस्लमान समुदाय के मतदाताओं में नाराज़गी है. देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा समेत दूसरे दल बेल्थरा रोड से किन प्रत्याशी पर दांव लगाते हैं. साथ ही भाजपा स्थानीय स्तर के आक्रोश और सत्ता विरोधी लहर को कम करने के लिए क्या रणनीति अपनाती है?

Akash Kumar

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