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मदरसे को लेकर यूपी सरकार का बड़ा कदम, मुंशी-मोलवी और आलिम की…

उत्तर प्रदेश के मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है। दोस्तों ऐसे तो चुनाव आते ही लोग धार्मिक मामलों को मुद्दा बना लेते हैं लेकिन सच बात तो यह है कि हिंदुस्तान ही एक ऐसा स्थान है जहां हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्मों को सामान्य रूप से मान्यता दी जाती है और सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है और इस बात का जीता जागता उदाहरण दिया है योगी आदित्यनाथ ने ।

दोस्तों योगी सरकार ने अब तक के अपने कार्यकाल में केवल हिंदुओं के लिए ही नहीं बल्कि सभी धर्मों के लिए काम किया है और खासकर मुस्लिम भाई बहनों के लिए तो कदम कदम पर उन्होंने उदाहरण पेश किए हैं । अभी कुछ दिनों पहले तीन तलाक को लेकर नए कानून बनाए गए , उसके बाद बकरीद एवं मोहर्रम को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कड़े निर्देश और सुरक्षा के आदेश दिए थे और अब योगी सरकार ने मदरसों की शिक्षा के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है ।

दोस्तों अब मदरसों की शिक्षा में मुंशी ,मौलवी और आलिम की डिग्री को सेकंडरी और सीनियर सेकेंडरी के नाम से जाना जाएगा । योगी सरकार का यह कदम इस बात का विश्वास दिलाता है कि योगी सरकार न केवल अन्य क्षेत्रों में बल्कि मदरसों के लिए भी लगातार सक्रियता दिखा रहे हैं। मदरसों के छात्रों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है ।

दरअसल मदरसों की शिक्षा मुंशी, मौलवी और आलिम को लेकर विद्यार्थियों में हमेशा से ही संदेह बना रहता था। लेकिन योगी सरकार ने इस दिशा में काम करते हुए मदरसों के छात्रों को बड़ी राहत दी है और यह फैसला लिया है कि मुंशी मौलवी को सेकेंडरी एवं आलिम को सीनियर सेकेंडरी के नाम से ही जाना जाएगा। अब इसमें कोई संदेह नहीं होगा।

दोस्तों सूत्रों की मानें तो यह समस्या बहुत समय से चली आ रही है लेकिन योगी सरकार ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जिसे मदरसा बोर्ड पाठ्यक्रम समिति ने भी मंजूरी दे दी है । योगी सरकार के इस निर्णय के बाद मदरसों के छात्र भी प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा ले सकेंगे।

बलिया ख़बर

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