Categories: Uncategorized

UPSC की परीक्षा में टॉपर बने कनिष्क ,सफलता के पीछे माता-पिता और गर्लफ्रेंड को बताया

संघ लोक सेवा आयोग ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा के अंतिम परिणामों की घोषणा कर दी. इसमें आईआईटी बांबे से बीटेक करने वाले कनिष्क कटारिया ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है. वहीं महिला वर्ग में मध्यप्रदेश की सृष्टि जयंत देशमुख प्रथम स्थान पर रही हैं. हालांकि ओवरऑल मेरिट लिस्ट में सृष्टि ने पांचवां स्थान हासिल किया है. देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में से एक यूपीएससी की सिविल सेवा में देशभर में टॉप करने वाले कनिष्क कटारिया ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और गर्लफ्रेंड को दिया है. वहीं, सृष्टि ने भी इस सफलता के लिए अपने परिवार, शिक्षकों और दोस्तों का शुक्रिया अदा किया है.

यूपीएससई परीक्षा के रिजल्ट की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कनिष्क ने अपनी सफलता पर प्रसन्नता जताई. उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए काफी हैरान कर देने वाला क्षण है. मैंने टॉप करने की कभी कल्पना नहीं की थी. मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं देशभर में पहले स्थान पर आऊंगा. मैं इसके लिए अपने माता-पिता, बहन और अपनी गर्लफ्रेंड का आभार जताना चाहता हूं जिन्होंने इस सफलता को पाने में मेरी मदद की और हमेशा साथ रहे.’ कनिष्क ने सिविल सेवा में चयन होने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइन करने की बाबत भी बात की. उन्होंने कहा, ‘लोगों की मुझसे अपेक्षा होगी कि मैं एक अच्छे प्रशासक के रूप में काम करूं. यही मेरा भी उद्देश्य है. मैं कोशिश करूंगा कि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरूं.’

सिविल सेवा परीक्षा में टॉप-5 में आने वाली सृष्टि जयंत देशमुख ने भी फाइनल रिजल्ट के बाद मीडिया के साथ अपनी बातें साझा की. उन्होंने अपनी सफलता के लिए माता-पिता, दोस्त और शिक्षकों का शुक्रिया अदा किया. सृष्टि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अपने परिवार के साथ रहती हैं. रिजल्ट की घोषणा के बाद उनके परिवारवालों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा. माता-पिता और अन्य परिजनों ने सृष्टि को मिठाई खिलाकर इस मौके को सेलिब्रेट किया. सृष्टि ने बताया, ‘सिविल सेवा में जाना मेरा बचपन का सपना था. आज जब रिजल्ट की घोषणा हुई और इतना अच्छा परिणाम आया तो लगा कि जैसे सपना सच हो गया.’ इस परीक्षा के लिए की गई तैयारी और पढ़ाई को लेकर भी सृष्टि ने बात की.

उन्होंने बताया कि वह पहले प्रयास में ही इस परीक्षा में सफल हुई हैं. सृष्टि ने कहा, ‘यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाने के लिए आपको लंबी योजना बनाकर काम करना पड़ता है. इसके बाद साल-डेढ़ साल तक पूरे धैर्य के साथ इसके लिए जुटना पड़ता है. मैंने सोच रखा था कि मैं अपने पहले प्रयास को ही अंतिम अवसर मानकर परीक्षा में बैठूंगी. इसके लिए मैंने अथक मेहनत की. इसी का नतीजा है कि आज मुझे यह सफलता मिली है. मैं इसके लिए अपने माता-पिता, परिवार, दोस्तों और शिक्षकों का आभार जताती हूं. मेरी इस सफलता का पूरा श्रेय उन्हें ही जाता है.’

बलिया ख़बर

Recent Posts

आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश

बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…

7 days ago

धूप में पसीने से तरबतर एक डॉक्टर! बलिया को सुषमा शेखर जैसे नेताओं की ज़रूरत क्यों है?

सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…

3 weeks ago

फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…

3 weeks ago

एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन

बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…

3 weeks ago

अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…

3 weeks ago

जननायक की जन्मशताब्दी पर महाअभियान, बलिया में हजारों लोगों को मिलेगा निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ

जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प…

3 weeks ago