बलिया में ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीजों का उपचार अब जिला अस्पताल में शुरू हो गया है। इसके लिए प्रशासन ने ओपीडी व दस बेड का पोस्ट कोविड वार्ड तैयार किया है। केजीएमयू लखनऊ के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दो ईएनटी व दो आई सर्जन प्रशिक्षण लेकर लक्षण वाले मरीजों को देख रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच ब्लैक फंगस नाम की बीमारी ने सभी के होश उड़ा दिए हैं। बीमारी से जनपद में अब तक एक मरीज की मौत हो चुकी और छह मरीजों का गैर जनपद के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
ब्लैक फंगस के उपचार को लेकर एसजीपीजीआई लखनऊ की निगरानी में केजीएमयू के विशेषज्ञों से जूम एप पर जिला अस्पताल के आई सर्जन डा. वीपी सिंह, डा. धनी शंकर व ईएनटी सर्जन डा. शैलेंद्र कुमार, डा. मिथलेश सिंह ने प्रशिक्षण लिया है। चिकित्सक उनके बताए टिप्स पर अस्पताल में ब्लैक फंगस के लक्षणयुक्त आने वाले मरीजों की पोस्ट कोविड ओपीडी में जांच कर रहे हैं।
डा. कुमार ने बताया कि शनिवार को करीब एक दर्जन लोग ब्लैक फंगस की शंका में आए। उनमें लक्षण न होने के कारण सलाह देकर संबंधित बीमारी की दवा दी गई है।
वहीँ सीएमएस डा. वीपी सिंह ने बताया कि ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीजों का उपचार जिला अस्पताल में शुरू हो गया है। इस बीमारी के लक्षण दिखें तो तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें।
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