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क़ुरान का सबसे बड़ा र’हस्य, वैज्ञानि’क भी सुन कर हैरा’न…

मेरे प्यारे भाइयों और बहनों कुरान शरीफ दुनिया की एक ऐसी धार्मिक किताब है जिसमें साइंस के बारे में सबसे सटीक बातें लिखी हुई है। कुरान में लगभग 6000 से भी ज्यादा आयते हैं जिनमें से 1000 आयतें तो सिर्फ साइंस से रिलेटेड है।

दोस्तों एक लंबे समय तक यूरोप के वैज्ञानिकों का मानना था कि पृथ्वी सृष्टि के केंद्र में है और सूरज चांद एवं अन्य सभी ग्रह पृथ्वी के चारों तरफ परिक्रमा करते हैं लेकिन 1512 में यह बात पता चली कि पृथ्वी नहीं बल्कि सूरज केंद्र में है और सभी ग्रह उसके चारों तरफ परिक्रमा करते हैं इसके अलावा 1980 के दशक तक पूरी दुनिया यह मानती रही कि सूरज हिलता डूलता नहीं यानी सूरज ना तो किसी अन्य ग्रह के चक्कर लगाता है और ना ही वह अपनी धुरी पर घूमता लेकिन प्रयास करते करते आखिर साइंस ने यह पता लगा ही लिया कि सूरज भी अन्य ग्रहों की तरह अपनी ही धुरी पर घूमता है और सूरज को अपनी धुरी पर एक चक्कर लगाने में लगभग 25 दिन लग जाते हैं.

यह तो रही साइंस की बात जिसे इतने साल लगे ये बात पता करने में लेकिन 1400 साल पहले कुरान में इस बारे में क्या लिख दिया गया था आइए आपको बताते हैं ” और वही अल्लाह ही है जिसने रात और दिन बनाया सूरज और चांद को बनाया सब एक-एक फ़लक में तैर रहे हैं “इस बात पर ध्यान दीजिए कि सब एक-एक फलक में तैर रहे हैं। कुरान की आयत में यसबहून शब्द का इस्तेमाल हुआ है जो “सबहा ” शब्द से बना हुआ है जिसका मतलब होता है कोई ऐसी वस्तु जो अपने ही स्थान पर धीरे-धीरे घूम रही हो और कुरान में सूरज के साथ यसबहून शब्द का आना यह प्रमाणित करता है कि सूरज भी धीरे-धीरे अपने स्थान पर घूमता है। अब आप सोचिए कि आखिर इतने सालों पहले सूरज के बारे में इतनी सही बात कौन बता सकता है।

दोस्तों जैसे जैसे साइंस तरक्की कर रहा है वैसे वैसे हमें हर रोज़ एक नई चीज पता चल रही है जैसे कि अब हमें पता चल रहा है कि सूरज का प्रकाश एक रासायनिक प्रक्रिया है यह रासायनिक प्रक्रिया सूरज के धरातल पर करोड़ों सालों से जारी है अब हमें पता चला है कि एक वक्त ऐसा आएगा जब यह रासायनिक प्रक्रिया बंद हो जाएगी और सूरज पूरी तरह से बुझ जाएगा जिसके कारण धरती पर जीवन समाप्त हो जाएगा ।

दोस्तों आइए अब कुरान में देखते हैं कि सूरज के बारे में क्या लिखा है “और सूरज वह अपने ठिकाने की तरफ चला जा रहा है”। इस आयत में अरबी शब्द “मुस्तकिर” का इस्तेमाल हुआ है जिसका अर्थ होता है एक निश्चित समय या एक निश्चित जगह और वैज्ञानिक भी यही बात कह रहे हैं कि सूरज एक निश्चित समय तक ही है। 1 दिन ऐसा आएगा जब वह खत्म हो जाएगा । दोस्तों अब आप ही सोचिए कि 1400 साल पहले ऐसे कौन से वैज्ञानिक थे जिनको सूरज के बारे में इतनी जानकारी थी यकीनन वो कोई वैज्ञानिक या इंसान नहीं बल्कि अल्लाह है जिसने 1400 साल पहले कुरान शरीफ के जरिए बहुत सारी साइंस की बातें हम तक पहुंचा दी थी ।

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