Categories: बलिया

राजकीय सम्मान के साथ बलिया के ‘लाल’ की विदाई, 6 महीने में बुझा घर का दूसरा चिराग

बलिया। बेल्थरारोड क्षेत्र के भिंडकुण्ड गांव निवासी सेना के जवान राकेश कुमार पटेल का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके पैतृक निवास पहुंचा। जहाँ जवान की पार्थिव देह देखते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।राजकीय सम्मान के साथ सैनिक का अंतिम संस्कार सरयू नदी के तुर्तीपार घाट पर किया गया। लेकिन सैनिक के अंतिम संस्कार के समय किसी सक्षम अधिकारी के मौजूद न होने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

ब्रेन हैमरेज से हुआ था जवान का निधन-बता दें मथुरा में तैनात भारतीय सेना के जवान राकेश कुमार पटेल की बुधवार की रात ब्रेन हैमरेज से निधन हो गया था। शुक्रवार को उनका शव पहले वाराणसी और बाद में वाराणसी से उनके पैतृक आवास पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में दूर दूर से लोग पहले से ही उनके गांव पहुंचे हुए थे।

राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार- जवान का पार्थिव शरीर एम्बुलेंस में लेकर रेजिमेंट के साथ आए सैनिक जैसे ही उनके गांव पहुंचे उनके पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ा कर उसे सैल्यूट किया। बाद में सेना के जवान का शव सरयू नदी के घाट पर ले जाया गया जहाँ राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके पिता ने दी। इस मौके पर उनके सेना के साथी करमवीर सिंह, शिवकुमार, बीके सिंह, मोती प्रसाद, हरीश गौतम मौजूद रहे।

जनवरी में होनी थी बहन की शादी- राकेश कुमार पटेल की एकमात्र बहन सुधा की आगामी जनवरी में शादी तय थी। बहन की शादी को लेकर राकेश बहुत खुश थे। लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था। बहन की शादी के पूर्व ही वह दुनिया छोड़ गए।

6 महीने में दूसरे बेटे को खोया- 2004 में सेना में भर्ती हुए राकेश कुमार पटेल का विवाह 2010 में फूलमती देवी से सम्पन्न हुआ था। उनकी एक बेटी अर्पिता (7 वर्ष) है। वह अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। 6 महीने पहले उनके मझले भाई विकेश कुमार पटेल की मौत हो गई थी। उनके माता पिता पार्वती देवी और हरख पटेल अभी इस त्रासदी से उबर भी नहीं सके थे कि बड़े बेटे के निधन ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया। अब छोटा पुत्र विवेक पटेल ही परिवार का सहारा है।

Ritu Shahu

Recent Posts

आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश

बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…

6 days ago

धूप में पसीने से तरबतर एक डॉक्टर! बलिया को सुषमा शेखर जैसे नेताओं की ज़रूरत क्यों है?

सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…

2 weeks ago

फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…

3 weeks ago

एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन

बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…

3 weeks ago

अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…

3 weeks ago

जननायक की जन्मशताब्दी पर महाअभियान, बलिया में हजारों लोगों को मिलेगा निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ

जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प…

3 weeks ago