बलिया डेस्क। कोरोना वायरस (कोविड-19) और क्षय रोग यानि टीबी के संक्रमण का तरीका और लक्षण लगभग मिलते-जुलते है। इसलिए इनके संक्रमण की जद में आने से बचने के लिए मरीजों के साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है कि यदि कोई टीबी की जाँच के लिए आता है तो वह क्या-क्या सावधानी बरतें। इसके अलावा उन्हें लगता है कि मरीज में टीबी नहीं कोरोना के अधिक लक्षण नजर आ रहे हैं तो वह परामर्श लेकर उनकी कोरोना की भी जाँच करा सकते हैं। इतना ही नहीं टीबी की जांच में इस्तेमाल होने वाली सीबीनाट मशीन कोरोना की भी जाँच कर सकती है और प्रदेश में कई जगह यह जांच हो भी रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 केडी प्रसाद का कहना है कि कोरोना जहाँ एक वायरस (विषाणु) है तो टीबी एक वैक्टीरिया (जीवाणु) है, लेकिन दोनों ही सूक्ष्म और अदृश्य हैं। इनके संक्रमण के लक्षण भी प्रथमदृष्टया समान हैं, इसीलिए इस तरह के लक्षण वाले मरीजों के सामने आने पर उनकी बारीकी से जांच की आवश्यकता पड़ती है, यदि किसी में समान लक्षण के चलते निर्णय लेने में दिक्कत हो तो उचित परामर्श के साथ ऐसे मरीजों की टीबी और कोरोना दोनों की जांच करायी जा सकती है।
इसके अलावा ऐसे मरीजों का सैम्पल लेते वक्त मास्क, ग्लब्स और पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट (पीपीई) के इस्तेमाल को अनिवार्य बनाया गया है। डॉ0 प्रसाद का कहना है कि टीबी और कोरोना दोनों मामलों में संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से दूसरा व्यक्ति भी संक्रमण का शिकार हो सकता है। इसी समानता को देखते हुए कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए साबुन-पानी से 20 सेकंड तक बार-बार हाथ धोने या अल्कोहल युक्त सैनीटाइजर से साफ़ करने, एक दूसरे से कम से कम दो गज (6 फुट) की दूरी बनाये रखने, मास्क का इस्तेमाल करने और अगर बुखार,खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक से सलाह लेने और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा जा रहा है। दूसरी तरफ टीबी से बचने के लिए भी लगभग यही तरीके अपनाने को कहे गए हैं, जैसे- खांसने या छींकने पर अपने मुंह और नाक को अपनी मुड़ी हुई कोहनी या कपड़े से ढकें, रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी न हो शरीर में इसके लिए पोषक आहार का सेवन नियमित करते रहे। उचित वायु संचार बनाये रखें और यदि दो हफ्ते से ज्यादा खांसी हो तो टीबी की जाँच कराएँ। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इसीलिए टीबी रोगियों को कोरोना की जद में आने से बचने के बारे में बराबर जागरूक कर रहा है क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और कोरोना ऐसे ही लोगों को सबसे पहले अपनी चपेट में लेता है।
टीबी और कोरोना दोनों से बचाएगा मास्क:
खांसने और छींकने से संपर्क में आने से दोनों के फैलने का खतरा है, इसलिए हम अगर मास्क लगाते हैं तो वह कोरोना से हमारी रक्षा करने के साथ ही टीबी से भी बचाएगा। डॉ0 प्रसाद का कहना है कि इस बारे में जरूरी आंकड़े भी जुटाए जा रहे हैं तभी पता चल सकेगा कि इसबीच इसमें कितनी कमी आई है। बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए कोविड-19 हेल्पलाइन नम्बर- 011-23978046 एवं टीबी हेल्पलाइन नंबर- 1800- 11-6666 पर सम्पर्क कर सकते है।
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