बलिया में बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई। सबसे ज्यादा प्रभावित सुरहा ताल किनारे के 30 गांव हुए। जहां किसानों के खेत-खलिहान उजड़ गए। अब ऐसे में अब कृषि विभाग ने किसानों की सुध ली है। जिला कृषि अधिकारी ने किसान संगठनों की मांग व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर बीमा एजेंसी के अधिकारियों को पत्र भेज कर इन गांवों का सर्वे करने को कहा है।
गंगा का जलस्तर कम होने के बाद से ही कृषि विभाग व बीमा एजेंसी के अधिकारियों की संयुक्त टीम फसलों का सर्वे कर रही है। लेकिन सुरहा ताल के किनारे के गांवों में कोई सर्वे कार्य नहीं हो रहा था। ऐसे में किसान परेशान थे। पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने जिलाअधिकारी को ज्ञापन देकर क्षतिपूर्ति देने की मांग की थी। किसान संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने भी डीएम से मुआवजे की मांग की थी। जिसके बाद डीएम के आदेश पर जिला कृषि अधिकारी ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को पत्र
भेज कर सुरहा ताल के किनारे स्थित गांवों की सूची भेजते हुए सर्वेयर के माध्यम से सर्वे कराने का अनुरोध किया है।वहीं जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि किसानों ने जिलाधिकारी को बताया था कि सुरहा ताल के किनारे स्थित खेतों की फसलें बड़े पैमाने पर बाढ़ से बर्बाद हुई हैं। डीएम के निर्देश पर बीमा एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय को इन गांवों का सर्वे के कराने के लिए पत्र भेजा गया है।
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