दोस्तों आप सभी जानते है की आज कल अनेक तरह की बीमारिया फैली हुई है और इनमे सबसे ज़्यादा जो बीमारी फैली है वह शुगर (Diebetes) , बीपी( blood pressure ), और माइग्रेन अदि है जो आज कल ज़्यादा तर लोगो में यह बीमारी आम हो गई है, पहले 50 साल के ऊपर के लोग को शुगर (Diebetes) हुआ करते थे लेकिन अब यह बच्चो बड़ो और भूडो सभी में हो रहे है शुगर (Diebetes) एक खतरनाक बीमारी है डॉक्टरों का कहना है की एक बार जिसको शुगर (Diebetes) की बीमारी एक बार हो जाए वह ज़िन्दगी भर साथ नहीं छोड़ती है .
शुगर (Diebetes) को खान पान और सही इलाज से बहुत हद तक कंट्रोल किया जा सकता है यह बीमारी गलत समय से खाने-पीने , देर तक सोने,और हाज़मा सही न होने के कारण होती है अगर शुगर को जल्दी कंट्रोल ना किया जाये तो कई और मर्ज़ में मुब्तेला हो सकते हैं जैसे कि आंखों की रौशनी का कमज़ोर हो जाना ब्लड प्रेशर का बढ़ जाना स्किन की प्रॉब्लम होना,इसकी अलामत ये है बार बार पेशाब आना पेशाब की बू में मिठास का होना गुर्दे के मक़ाम पर सूजन या जलन मालूम होना खाना हज़म ना होना बहुत ज़्यादा कमज़ोरी महसूस होना तेज़ी से वज़न का गिरना और तेज़ सरदर्द वग़ैरह,
शुगर (Diebetes) का एक रूहानी इलाज है ये इलाज इन शा अल्लाह कारगर होगा-
1. सूरह बनी इस्राईल की आयत नं0 80 رَبِ اَدۡخِلۡنِیۡ مُدۡخَلَ صِدۡقٍ وَّ اَخۡرِجۡنِیۡ مُخۡرَجَ صِدۡقٍ وَّ اجۡعَلۡ لِّیۡ مِنۡ لَّدُنۡکَ سُلۡطٰنًا نَّصِیۡرًا को रोज़ाना सुबह सूरज निकलने से पहले 21 बार अव्वल आखिर 3-3 बार दुरूद शरीफ पानी पर दम करके 90 दिन तक पिलायें,नागा ना करें इन शा अल्लाह शुगर लेवल कम होती जायेगी,मगर जो मखरज से क़ुर्आन पढ़ सकता हो वही पढ़े
2. रोज़ाना 5 ग्राम दूध के साथ गुड़मार की पत्ती, सोंठ और जामुन की गुठली बराबर लेकर और उन दोनों के बराबर लेकर सबको पीसकर पाउडर बना लें,इस्तेमाल करें. 3. मेथी के बीज रोज़ाना 20 ग्राम पीसकर खाने से 10 दिन में ही शुगर लेवल कम हो जायेगा
परहेज़ –
इस मर्ज़ में दवा से ज़्यादा परहेज़ करने से फायदा होता है कम से कम 2 किलोमीटर रोज़ाना चलें कि बग़ैर इसके इस मर्ज़ से छुटकारा बहुत मुश्किल है,बहुत ज़्यादा ठंडी और गर्म चीज़ें,धूप में चलने फिरने से,अंडा,तेल,बैगन,मछली,शकरकंद,गन्ना,खजूर,अंगूर,आलू,केला,गोभी,आड़ू,चांवल बिल्कुल बंद कर दें|
ग़िज़ा –
काला चना छिलके समेत पिसवा लें उसकी रोटी खायें बहुत फायदेमंद है,जामुन,लौकी,पालक,बथुवा,तुरई,करैला,मूंग व अरहर की दाल,सेब,नासपाती,दूध,दही,मक्खन,हर किस्म के साग व गेहूं की हलकी रोटी इस्तेमाल करें|
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