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सुभासपा प्रमुख राजभर का बयान, अखिलेश यादव की तरफ से ‘तलाक’ मिलने का इंतजार है

समाजवादी पार्टी से चल रही अनबन के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अखिलेश यादव की तरफ से ‘तलाक’ मिलने का इंतजार है और वह सपा से गठबंधन तोड़ने को लेकर अपने स्तर से पहल नहीं करेंगे।

बता दें कि मऊ जिले में पार्टी की बैठक में शामिल होने जा रहे राजभर ने स्पष्ट किया कि वह गठबंधन तोड़ने खुद पहल नहीं करेंगे। वह अभी भी सपा के साथ हैं। यदि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उन्हें अपने साथ नहीं रखना चाहेंगे तो वह सपा के साथ जबरदस्ती नहीं रहेंगे।

बता दें कि गुरुवार को राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की पत्रकार वार्ता में सपा और सुभासपा के बीच तल्खी दिखी। जब पत्रकार वार्ता में गठबंधन के सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत सिंह को बुलाया गया था लेकिन सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर प्रेसवार्ता में नजर नहीं आए।

इसी बात को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव भूल गए होंगे, इसलिए उन्हें बैठक में नहीं बुलाया। उन्होंने कहा कि वह 13 जुलाई को राष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर समर्थन के मुद्दे पर अपना फैसला बताएंगे। इससे पहले वह शनिवार को बलिया व गाजीपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करें।

सपा प्रमुख और सुभासपा प्रमुख के बयानों में मतभेद देखने को मिला। जब अखिलेश यादव ने सपा और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ मिलकर 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने की राजभर की सलाह को खारिज करते हुए कहा था कि सपा को किसी की सलाह की जरूरत नहीं है।

बता दें कि विधानसभा चुनाव में सपा के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद से ओमप्रकाश राजभर विभिन्न आयोजनों में अखिलेश को सलाह देते नजर आए हैं। वह कह चुके हैं कि अखिलेश को एसी कमरे से बाहर निकलकर सड़क पर संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने सपा और बसपा को साथ में चुनाव लड़ने की राय भी दी थी।

सुभासपा और सपा ने 2022 का विधानसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ा था। सुभासपा ने 18 सीटों पर चुनाव लड़ा था और छह पर जीत हासिल की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ थी और राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद सत्ता में शामिल भी हुई थी लेकिन बाद में पार्टी सरकार से अलग हो गयी थी। अब सपा और सुभासपा के रिश्तों में दरार आ गई है।

Rashi Srivastav

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