लगता है कि बलिया के बिजली विभाग की याददाश्त कुछ कमजोर हो रही है, तभी तो जिन लोगों के यहां बिजली की लाइन ही नहीं है वहां पर भी विभाग 30 से लेकर 40 हजार के बिल भेज रहा है। अब लोग परेशान हैं और सोच रहे हैं कि जब बिजली जलाई ही नहीं तो बिल कैसे आ गया।
बिजली विभाग का यह नया कारनाम रसड़ा ब्लाक के फिरोजपुर गांव से सामने आया। यहां की तीन हजार की बस्ती अंधेरे में जीवन बसर कर रही है। गांव की हालात ऐसी है कि बिजली के खंभे तो हैं लेकिन आज तक लाइन नहीं दौड़ पाई। लेकिन फिर भी बिजली विभाग ने बिना कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को 35 से 40 हजार रुपये तक के बिल थमा दिए।
अब ग्रामीण परेशान हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2018 में बजाज कंपनी के ठीकेदार बिजली कनेक्शन देने के नाम पर गांव में विद्युत खंभे लगा दिए। इसके बाद आधार कार्ड लेकर मीटर थमा कर चले गए। अब 35 से 40 हजार रुपये तक का बिल आ गया। हम पिछले 6 माह से वह अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। कई बार बिजली विभाग कार्यालय पर धरना दे चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान राजेश राजभर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शनिवार को समाधान दिवस पर पत्रक भी सौंपा।
बिजली विभाग के द्वारा हर महीने बिल भेजे जाने से ग्रामीण मानसिक रुप से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है विभाग कनेक्शन देने का कार्य करें तो ग्रामीण सहर्ष नई बिलों का भुगतान देने को तैयार है। विभाग की लापरवाही के चलते वर्षों से अंधेरे में जीवन जी रहे हैं। धरना-प्रदर्शन व पत्रक देने के बाद भी ग्रामीणों की इस विकट समस्या का समाधान नहीं कराया जाना विभागीय उदासीनता है। पुरानी बिलों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। खंभों पर तार लगाकर नए सिरे से कनेक्शन देने की पहल विभाग को करनी चाहिए।
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