बलिया जिला अस्पताल में मरीजों की तादात बढ़ने से अब व्यवस्थाओं में कमी भी देखने को मिल रही है। हालात ये है कि गंभीर मरीजों को निजी वाहनों से लेकर पहुंच रहे परिजन स्ट्रेचर न मिलने से परेशान हैं और मरीजों को गोद या फिर हाथों से टांग कर इमरजेंसी वार्ड तक लेकर पहुंच रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण वार्डों से स्ट्रेचर वापस नहीं आ रहे हैं।
इस बीच रविवार को अचानक पानी की सप्लाई बंद होने से खलबली मच गई। मरीज और तीमरदार पीने के पानी के लिए भटकने लगे। सबसे ज्यादा परेशानी नित्यक्रिया को लेकर हो गई। अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में पानी का टैंकर मंगाकर लगवाया। मरीजों की भीड़ बढ़ने और स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या कम होने से तमाम परेशानियों का सामना मरीजों को करना पड़ रहा है।
वहीं लखनऊ से आई त्रिस्तरीय जांच टीम ने अस्पताल का मुआयना करने किया। जिसके बाद CMO डा. जयंत कुमार को तत्काल अस्पताल में नर्स और अन्य स्टाफ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। टीम ने गर्मी से मरीजों को राहत देने के लिए वार्डों के बाहर खिड़कियों पर कूलर लगाने का निर्देश दिया। साथ ही साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके अलावा टीम ने वार्डों में लगातार चिकित्सकों को भ्रमण करने और तेज बुखार के मरीजों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
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