बलिया जिला अस्पताल में डॉक्टर्स की कमी से मरीज परेशान हैं। बीते कुछ समय में ही अस्पताल के कई चिकित्सकों का तबादला हो चुका है जिससे ओपीडी में डॉक्टरों की कुर्सियां खाली रहती हैं और मरीज बिना इलाज के लौट जाते हैं।
इन्हीं अव्यवस्थाओं से नाराज मरीजों का गुस्सा फूट पड़ा। ओपीडी में डॉक्टर से इलाज के लिए मरीजों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल परिसर में डॉक्टरों का घेराव भी किया। मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रंबधन ने ओपीडी में ताला लगा दिया। इस दौरान पुलिस भी तैनात रही।
बता दें कि जिला अस्पताल में सीएमओ स्तर से तैनात डॉक्टरों की संबद्धता समाप्त करते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक लखनऊ ने उनकी मूल तैनाती पर भेजने का फरमान जारी किया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सर्जन डॉ सौरभ सिंह, डॉ अंशुमान राय, डॉ वीपी सिंह, डॉ शैलेन्द्र कुमार, डॉ रितेश सोनी, डॉ पंकज कुमार और एकलौते चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ दीपक गुप्त की संबद्धता समाप्त करते हुए उन्हें अपनी मूल तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश जारी कर दिया।
सुबह जब डॉक्टर अस्पताल पहुंचे तो आदेशों का जानकारी मिली। जिसके बाद डॉक्टर ओपीडी से निकलने लगे। लेकिन सुबह से ही ओपीडी में इलाज कराने के लिए सैंकड़ों मरीजों की भीड़ लग गई थी। जैसे ही डॉक्टर बाहर निकले मरीजों ने इलाज के लिए हंगामा करना शुरु कर दिया। इससे अस्पताल परिसर में गहमागहमी की स्थिति बन गई। मरीजों की परेशानी को देखते हुए सीएमएस डॉ दिवाकर सिंह ने उन्हें अन्य डॉक्टर से इलाज कराने व्यवस्था बनाई। लेकिन चर्म रोगियों को इलाज नहीं मिल पाया।
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