बलिया में स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर, अस्पताल के गेट पर तड़पती रही गर्भवती महिला, फर्श पर दिया बच्चे को जन्म

बलिया के सोनबरसा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार रात एक ऐसी घटना हुई, जिसने न सिर्फ स्वास्थ्य विभाग, बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। लक्ष्मण छपरा की रहने वाली गर्भवती महिला सविता पटेल को जब तेज प्रसव पीड़ा हुई, तब वह अस्पताल पहुँची, लेकिन वहां न कोई डॉक्टर था, न नर्स, न गार्ड—पूरा अस्पताल सुनसान पड़ा था।

अस्पताल के गेट के पास ही महिला दर्द से तड़पती रही, और आखिरकार, बिना किसी चिकित्सकीय सहायता के उसने फर्श पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। यह दृश्य किसी ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजीव वर्मन ने तुरंत कार्रवाई की। सोनबरसा सीएचसी के अधीक्षक एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित चार स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया। सीएचसी अधीक्षक और स्त्री रोग विशेषज्ञ को सीएचसी रिगवन भेजा गया। डॉ. व्यास कुमार को सीएचसी गड़वार, फेफना स्थानांतरित किया गया। स्टाफ नर्स प्रियंका सिंह को सीएचसी नरहीं और कंचन को सीएचसी जयप्रकाश नगर भेजा गया।

सीएमओ ने बताया कि एक एसीएमओ स्तर के अधिकारी से मामले की जांच करवाई जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना को लेकर जनआक्रोश फूट पड़ा। पूर्व सांसद भरत सिंह की पुत्री और भाजपा नेता विजयलक्ष्मी सिंह शुक्रवार शाम सोनबरसा सीएचसी पहुँचीं और वहीं धरने पर बैठ गईं। उन्होंने दोषी चिकित्सकों और कर्मचारियों के निलंबन तथा पूरे स्टाफ के सामूहिक तबादले की मांग की। बसपा के पूर्व विधायक सुभाष यादव ने भी घटना को ‘मानवता के प्रति घोर अपराध’ करार देते हुए इसे शासन की नाकामी बताया। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की।

वीडियो बनाने वाले मिर्जापुर निवासी युवराज सिंह ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल गया था, तभी उसने देखा कि एक महिला दर्द से चिल्ला रही थी और कुछ ही पलों में उसने अस्पताल के फर्श पर बच्चे को जन्म दे दिया। युवराज ने कहा—”यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि इंसानी ज़िंदगी के साथ किया गया अमानवीय व्यवहार है।”

सीएमओ डॉ. वर्मन ने सभी सीएचसी और पीएचसी को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी हालत में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए। उन्होंने कहा, “सोनबरसा जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सभी ज़िम्मेदारों को चेतावनी दी गई है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

Rashi Srivastav

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