पश्चिमी व पहाड़ी इलाके में लगातार हो रही बारिश से बलिया में हालात बिगड़ने लगे हैं। सरयू नदी खतरे के निशान के पार पहुंच गई है। पिछले चार दिनों से नदी का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। जिससे जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार की सुबह आठ बजे डीएसपी हेड पर जल स्तर 65.15 मीटर दर्ज किया गया। जबकि, खतरे का निशान 64.010 मीटर है। लाल निशान से 1.14 मीटर ऊपर बह रही नदी के अगले 12 घंटे में उच्च बिंदु पर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन अलर्ट पर है। डीएम सौम्या अग्रवाल ने बाढ़ चौकियों को खोलने का निर्देश दे दिया।
बता दें कि सरयू नदी के उफान पर आने से तटवर्ती गांवों चैनपुर गुलौरा, हाहानाला टगुनिया राजभर बस्ती, टीएस बंधा तक कई किलोमीटर विस्तृत भू-भाग में नदी का पानी फैल गया है। चैनपुर गुलौरा गांव के सामने टीएस बंधा के नीचे कई फीट तक पानी लग गया है। हाहानाला, तुर्तीपार और हल्दीरामपुर रेगुलेटर पर पानी का दबाव बढ़ गया है।
इसके साथ ही तुर्तीपार के दलित बस्ती और मल्लाह बस्ती तक पानी पहुंच गया है। गुलौरा के यादव बस्ती और मल्लाह बस्ती तक पानी पहुंच गया है। सिताबदियारा और अठगांवा चांद दियर के हजारों की आबादी चिंतित है। रेवती के नदी के तटवर्ती इलाके में बसे धूपनाथ और बैजनाथ के डेरा और नवकागांव आंशिक का दलित बस्ती बाढ़ के पानी से घिर गई है। धूपनाथ के डेरा में एक दर्जन, बैजनाथ के डेरा में 40 तथा नवकागांव आंशिक दलित बस्ती गांव के 50 घर बाढ़ में भी घिर गए हैं। कुल मिलाकर स्थितियां बेकाबू होती जा रही है। ऐसे में बाढ़ पीड़ितों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
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