बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) के नवनिर्वाचित सांसद और दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी अतुल राय ने शनिवार को वाराणसी की एक अदालत में समर्पण कर दिया. उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. राय के साथ उनके सैकड़ों समर्थक इस दौरान मौजूद रहे और उनके समर्थन में नारे लगाते रहे.
घोसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ कर राय संसद पहुंचे हैं. जब एक छात्रा ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई और उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया, तब वह अपने चुनाव अभियान को बीच में छोड़कर गायब हो गए. बसपा सुप्रीमो मायावती का मानना था कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने राय को झूठे मामले में फंसाया है, इसलिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को राय के लिए प्रचार जारी रखने के लिए कहा. मायावती ने घोसी में राय के समर्थन में एक सभा को भी संबोधित किया था.
राय ने संसद में पद की शपथ नहीं ली
निर्वाचित घोषित किए जाने के बाद, राय ने संसद में पद की शपथ नहीं ली. इस सप्ताह की शुरुआत में पुलिस ने उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए अदालत से अनुमति प्राप्त की. राय ने गुरुवार को वाराणसी की एक अदालत में समर्पण के लिए एक आवेदन दायर किया था.
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