बलिया: उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा कि अगर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रथ यात्रा नहीं निकाली होती और में बाबरी मस्जिद नहीं ढहायी जाती और अब तक राम मंदिर मसले का हल निकल चुका होता.
चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए एक सवाल पर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं होने के लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल का मसला मंदिर का ताला खुलवाये जाने और शिलान्यास कराये जाने के बाद ही हल हो गया होता और देश में शांति तथा भाईचारा बना रहता, लेकिन वर्ष 1990 में उसी समय आडवाणी ने देश में रथ यात्रा निकाली और उससे फैले उन्माद की वजह से मस्जिद ढहा दी गयी. इसी कारण मामला अटक गया.
आगे बात करते हुए चौधरी ने देश में कहीं सूखा और कहीं भारी बारिश के बारे में पूछे गये सवाल पर कहा कि इन घटनाओं के लिए भाजपा जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि भारत आस्था का देश है. सपा भगवान राम, कृष्ण, शिव, गंगा, यमुना तथा सरयू को आस्था का केंद्र और भगवान राम को अपना इष्ट देवता मानती है, लेकिन भाजपा भगवान राम को ‘वोट देवता’ मानती है.
भाजपा भगवान राम का जिस तरह से इस्तेमाल कर रही है उससे नाराज होकर वह दैवीय आपदा के रूप में दंड दे रहे हैं. मगर इसका दर्द जनता भुगत रही है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है.
(इनपुट-भाषा)
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