बलिया डेस्क : बलिया में रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। यहां नवनियुक्त शिक्षकों को कथित तौर पर मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि CMS दफ्तर में इन शिक्षकों से मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं।
इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें एक कर्मचारी शिक्षकों को मेडिकल सर्टिफिकेट देता नज़र आ रहा है और इसके बदले उनसे पैसे लेता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि ये कर्मचारी नए शिक्षकों से मेडिकल सर्टिफिकेट के एवज़ 200 से 500 रुपए तक वसूल रहा है।
भारत समाचार की ख़बर के मुताबिक, अपनी इस करतूत को छुपाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने CCTV कैमरों के साथ भी छेड़छाड़ की है। जिस जगह वसूली की जा रही है, वहां कैमरे के रुख को मोड़ दिया गया है।
इतना ही नहीं पैसे लेने के बाद नवनियुक्त शिक्षकों को जो मेडिकल सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं, उसमें भी दिक्कतें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि इन सर्टिफिकेट्स में हस्ताक्षर और मोहर ग़ायब हैं।
हालांकि CMS के प्रभारी डॉक्टर आनंद कुमार सिंह ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि अस्पताल में किसी तरह की कोई रिश्वत नहीं ली जा रही। नवनियुक्त शिक्षकों से वही पैसे लिए जा रहे हैं, जो मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने की फीस है।
उन्होंने बताया कि ये फीस केवल 67 रुपए है। बता दें कि प्रदेशभर में नवनियुक्त शिक्षकों को मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। नियुक्ति के लिए लंबा इंतेज़ार करने वाले शिक्षकों को प्रदेश के हर ज़िले में मेडिकल बनवाने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। इतने संघर्षों के बाद भी अभी तक कुछ ही शिक्षकों का मेडिकल बन सका है।
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