बनारस। पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर पिछले 35 दिनों से अनशनरत पूर्वांचल राज्य जनआंदोलन के कार्यकर्ताओं ने अब हिंसक रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार दिन में पूर्वांचल राज्य जनआंदोलन की महिला कार्यकर्ता वंदना रघुवंशी ने कैंट स्थित रोडवेज बस अड्डे पर पहुंचकर प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर खड़ी वाराणसी-लखनऊ वॉल्वो बस में आग लगा दी। इसके बाद वंदना रघुवंशी ने आत्मसपर्मण कर दिया।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
वॉल्वो बस में आग लगते ही रोडवेज बस अड्डे पर अफरा-तफरी मच गयी। आनन-फानन में रोडवेज बस अड्डे को खाली करा दिया गया। इस दौरान रोडवेज पुलिस ने तुरंत ही आरोपी महिला कार्यकर्ता को हिरासत में लेकर उसे सिगरा थाने ले आयी। जिसके बाद उसे विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत गिरफ्तार कर लिया गया।
घंटों की मशक्कत के बाद बुझी आग
घटना के बाद दमकल की तीन गाडियों ने वॉल्वो बस में लगायी गयी आग को बुझाने के लिये काफी देर तक मशक्कत की, जिसके उपरांत आग बुझा ली गयी है। बताया गया कि जिस वक्त बस में आग लगायी गयी, उसमें तीन-चार सवारियां ही बैठी हुई थीं, जिन्हें आंदोलनकारी ने बाहर निकाल दिया और बस में आग लगा दी।
पांच साल से गांधीवादी ढंग से लड़ रहे थे हम
पूर्वांचल जन आंदोलन की वरिष्ठ राष्ट्रीय महासचिव और आंदोलन की महिला विंग प्रभारी वंदना रघुवंशी ने आरोप लगाया कि पिछले पांच साल से पूर्वांचल राज्य की मांग के लिये हम गांधीवादी तरीके से लड़ाई लड़ते आ रहे थे। इसी के तहत हमने आर-पार की लड़ाई के लिये प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली को पत्र लिखकर आगाह किया था कि 15 अगस्त 2018 से हम आमरण अनशन पर जाएंगे। इस बारे में हम बराबर सरकार को रिमाइंडर भी भेजते रहे।
सरकार ने नहीं की हमसे वार्ता
वंदना रघुवंशी के अनुसार सरकार को चाहिये था कि वह हमसे कम से कम बात तो करती। हमारी मांगों को मानना या ना मानना ये बाद का विषय है। हमने सरकार को दो विकल्प दिये थे कि अगर वो हमसे सहमत हैं तब भी अगर सहमत नहीं हैं तब भी हमसे वार्ता की जाये, चाहे तो बाद में हमारी मांगों को वाहियात कहकर सरकार उसे ठुकरा दे, लेकिन हमसे बात की जाए।
35 दिनों से चल रही भूख हड़ताल
बस में आग लगाने वाली आरोपी महिला वंदना रघुवंशी ने आरोप लगाया कि पिछले 35 दिन से उनका साथी अनुज राही हिन्दुस्तानी अनशन पर बैठा है, वे खुद 22 दिनों तक अनशन करती रहीं, इस बीच मुख्यमंत्री तीन तीन बार वाराणसी आये, प्रधानमंत्री भी एक बार बनारस आये, मगर अहिंसक आंदोलनकारियों से कोई बात नहीं की गयी।
मैं गांधीवादी तरीके से लड़ रही थी, मुझे भगत सिंह बना दिया गया
वंदना रघुवंशी ने इस बात को कबूल किया कि बस में आग उन्होंने ही लगायी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के लिये सरकार जिम्मेदार है। हमारी बातें नहीं सुनी जा रही थीं। आरोपी महिला कार्यकर्ता वंदना रघुवंशी के अनुसार इन पिछले पांच साल से वे लोग गांधीवादी तरीके से लड़ रहे थे लेकिन सरकार की उदासीनता ने उनके आंदोलन को भगत सिंह के तरीकों पर ला दिया।
घर से अकेले पेट्रोल लेकर निकली थी वंदना रघुवंशी
इस संबंध में वाराणसी के एसपी सिटी दिनेश सिंह ने मीडिया को बताया कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी सिटी के अनुसार पूछताछ में महिला ने बताया है कि वह अकेले ही घर से पेट्रोल लेकर निकली थी। कोई उसकी लोकेशन ट्रेस ना कर ले इसके लिये उसने मोबाइल घर पर ही छोड़ दिया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन लोगों का आंदोलन कुछ दिन पहले तक चल रहा था, जिसके बाद इन्हें कबीरचौरा में मेडिकल कराने के बाद घर भेज दिया गया था। इस वक्त इनका कोई आंदोलन नहीं चल रहा था, जिससे इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती।
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