बलिया। जनपद के नगरा थाना क्षेत्र के ताड़ीबड़ा गाँव मे हुई हत्या एवं लूट के मामले में एक सप्ताह बाद भी नगरा पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। जिससे पुलिस की चहुँओर किरकिरी हो रही है।
नगरा पुलिस क्षेत्र के आधे दर्जन गांवों से लगभग एक दर्जन लोगों को ले आकर थाने में बैठाने के बाद छोड़ चुकी है। लोगो को पकड़ना और छोड़ देना पुलिस पर ही सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
ज्ञात हो कि नगरा थाना क्षेत्र के ताड़ीबड़ा गाँव मे पूर्व मंत्री घूरा राम का अनुराग इंडेन गैस एजेंसी है। गत 13 सितम्बर को बाइक सवार असलहाधारी दो बदमाशों ने कैशियर नंदकिशोर को गोली मारकर हत्या कर दी व रुपयों से भरा बैग लेकर भाग गए।
घटना के दूसरे दिन कैशियर के शव के साथ आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए।जिससे नगरा भीमपुरा मार्ग पर साढ़े चार घण्टे तक आवागमन ठप रहा।
ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हत्यारो को गिरफ्तार करने की मांग कर रही थी।घटना के तीसरे दिन बलिया पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली भी पहुँची और चन्द मिनट में घटना स्थल का मुआयना करने के बाद वापस लौट गई।घटना के एक सप्ताह बाद भी हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर है।
पुलिस हवा में तीर चला रही है।पुलिस की कार्य क्षमता पर क्षेत्रीय लोगो द्वारा सवालिया निशान खड़ा किया जा रहा है।इस संचार युग मे भी पुलिस सिर्फ भाग दौड़ कर रही है और क्षेत्र के लगभग एक दर्जन लोगो को थाने लाकर बैठाने के बाद छोड़ चुकी है। पकड़ने और छोड़ने की कार्य शैली पर भी लोग अंगुली उठा रहे है।
घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।वही पुलिस कार्य प्रणाली को देख क्षेत्रीय जनो का कहना है कि अपराधी बेलगाम है और कारोबार करना खतरे से खाली नही है।क्षेत्राधिकारी रसड़ा केपी सिंह ने बताया कि अपराधी जल्द ही गिरफ्त में होंगे।घटना में लिप्त बदमाशो की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
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