बलिया डेस्क : बलिया में गरीब – असहाय लोगों को इंसाफ़ मिलना कितना मुश्किल हो गया है, इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब एक असहाय महिला को इंसाफ़ पाने के लिए अपनी दो बेटियों के साथ अफसरों के पैरों पर गिरना पड़ा।
दरअसल, आजमगढ़ कमिश्नर कनक लता त्रिपाठी कोरोना महामारी से बिगड़े हालात का जायज़ा लेने बलिया पहुंची थीं। यहां उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह पर एक बैठक की। बैठक के बाद जैसे ही वो बाहर निकलीं एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ उनके पैरों पर गिरकर इंसाफ़ की गुहार लगाने लगी।
इस दौरान कनक लता त्रिपाठी के साथ जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही भी मौजूद थे। असहाय महिला ने कमिश्नर के साथ ही शाही के पैरों पर भी गिरकर इंसाफ़ की गुहार लगाई। महिला ने अफसरों से रोते हुए कहा कि उसकी ज़मीन पर दबंगों ने कब्ज़ा कर लिया है। आप उसके साथ इंसाफ़ करें।
महिला लगातार रोते हुए अफसरों से इंसाफ़ की गुहार लगाती रही, लेकिन अफसरों ने उसकी गुहार नहीं सुनी। कमिश्नर कनक लता त्रिपाठी महिला को ज़मीन पर रोता हुआ छोड़कर अपनी गाड़ी पर सवार हो गईं और वहां से चली गईं। हालांकि जिलाधिकारी शाही ने फिलहाल मामले को टालने के लिए महिला को आश्वासन दिया कि आप जाकर एसडीएम बिल्थरारोड से मिल लीजिएगा। आपके साथ इंसाफ़ होगा।
बता दें कि योगी सरकार ने किसी असहाय की जमीन पर कोई दबंग कब्ज़ा न कर सके, इसके लिए कई तरह के निर्देश दिये हैं। लेकिन इन निर्देशों की योगी कैबिनेट के मंत्री वाले बलिया में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हद ये है कि यहां अफसर भी असहाय लोगों की गुहार नहीं सुन रहे, जिसके चलते उन्हें पैरों पर गिरकर इंसाफ़ की भीख मांगनी पड़ रही है।
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