बलिया । कोरोनाकाल में हमें पेड़ों और पर्यावरण का महत्व समझ आ चुका है। विभिन्न समाजिक संगठन लगातार वृक्षारोपण के कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। साथ ही लोगों से भी वृक्ष लगाने की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में 30 करोड़ वृक्षारोपण जनआंदोलन 2021 और वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत बेल्थरारोड रेंज के ननौरा गांव के प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रृद्धा यादव प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग बलिया के द्वारा हरी शंकरी वाटिका का पौधारोपण किया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राओं और भूतपूर्व प्रधान के द्वारा आम, अमरूद के वृक्ष लगाए गए।
इसके बाद ग्राम सभा तुर्तीपार में तुर्तीपार पौधाशाला के पास स्थापित स्वर्गीय राकेश कुमार मिश्र स्मृति वाटिका में श्रृद्धा यादव के द्वारा स्वर्गीय बृजेश कुमार ( क्षेत्रीय वनअधिकारी) की स्मृति में जामुन का पौधा रोपा। उन्होंने कहा कि ये पौधे वातावरण के साथ-साथ मानव जीवन के लिए फायदेमंद होंगे। बोली, व्यक्ति का पर्यावरण संरक्षण के प्रयास करने चाहिए। छोटा-छोटा प्रयास ही एक दिन बड़ा प्रयास बनेगा। इस दौरान संस्कृति सिंह, प्रिंसिपल, ज्ञान पीठिका स्कूल, बलिया ने साथ साथ श्रद्धा यादव के साथ पौध लगाए और 200 पौधे लगाने का संकल्प लिया
आपको बता दें कि गांवों में पीपल, पाकड़, बरगद को हरीशंकरी कहा जाता है। मान्यता है कि यह पेड़, स्वयं ब्रम्हा विष्णु महेश है। गांव में आज भी इनकी पूजा अर्चना की जाती है। पेड़ों को लगने और बचाने के यह पौराणिक कथाएं भारत कें वृक्षों में बसे विश्वास को पुख्ता करती है। लिहाजा पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से भी इन पौधों का रोपण किया जाता है। पीपल, पाकड़ और बरगद यह सभी विशाल वृक्ष बनकर क्षेत्रवासियों को शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करेंगे साथ आसपास का वातावरण भी शुद्ध होगा।
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