दो साल पहले हुई नोटबंदी वाले हालात जिले में एक बार फिर पैदा हो गये हैं। एटीएम के सूखे होने की बात तो दूर, अब बैंक की शाखाओं पर भी ‘पैसा नहीं है’ की नोटिस चस्पा होने लगी है।
वह भी भारतीय स्टेट बैंक जैसी सबसे अधिक शाखाओं वाले बैंक का यह हाल है। यह सच्चाई टंगी भी है तो जिलाधिकारी आवास के ठीक सामने। बैंकों की इस कंगाली के चलते लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। गुरुवार को भी लोग पैसा के लिये इधर-उधर भटकते रहे।
कहने को तो शहर में दर्जनों की संख्या में एटीएम स्थापित हैं लेकिन एक-दो को छोड़ किसी में भी पैसा नहीं है। अधिकांश एटीएम केन्द्रों के शटर बंद मिले तथा लोग पैसा के लिये खाक छानते दिखे। शहर के टीडी कॉलेज के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के मुख्य गेट पर तो बकायदा ‘पैसा नहीं है’ का बोर्ड टांग दिया गया है।
जरुरत के लिये पैसा निकालने पहुंचे लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। उपभोक्ताओं को बैंककर्मी यह भी नहीं बता पा रहे हैं कि उन्हें आखिर कब तक पैसा उपलब्ध हो जायेगा। शादी-विवाह के पिक सीजन में पैसा नहीं मिलने से आम से खास तक सभी परेशान हैं। कुछ बैंकों से ग्राहकों को पांच से 10 हजार रुपये दिया जा रहा है। हालांकि कई लोगों को लाखों रुपये की जरुरत है जिसके लिये उनका कई कार्य ठप पड़ा हुआ है।
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