बलिया में फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में अब पुलिस भूमाफियाओं की कुंडली खंगालने लगी है। 5 साल पुराने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से होने के बाद पुलिस अब गंभीर नजर आ रही है। क्योंकि 5 साल पुराने मामले में जांच के बाद दर्ज मुकदमा दर्ज कराने के लिए पीड़ित ने दोषियों पर गैंगस्टर आदि की कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री से की थी।
बताया जा रहा है कि 5 साल पहले सितंबर 2019 में तत्कालीन सदर SDM ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बताया कि सदर रजिस्ट्री कार्यालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसकी जांच आवश्यक है। SDM के पत्र पर डीएम ने 3 सदस्यीय जांच टीम गठित की। जांच तत्कालीन IAS और रसड़ा के SDM ने की तो कई चौंकाने वाले दस्तावेज मिले।
वहीं जांच के बाद 13 निबंधन अधिकारियों समेत कुल 30 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई गई। इसके बावजूद, अब तक कई व्यापारी इसे लेकर तहसील और न्यायालय का चक्कर काट रहे हैं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुआ नामांतरण आज भी कायम हैं।
पीड़ित नगर क्षेत्र के लक्ष्मण प्रसाद, लाल बहादुर, हनुमानगंज निवासी हीरालाल ने सीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि 5 साल पहले कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण कराने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और जांच के बाद भूमाफिया चिंह्नित किए गए। इनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाए।
नगर क्षेत्राधिकारी एसएन वैभव पांडेय ने बताया कि शिकायतकर्ताओं की ओर से चिंह्नित दो भूमाफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की मांग की गई है। इस मामले में भूमाफियाओं के आपराधिक इतिहास की जानकारी करते हुए कार्रवाई का निर्देश प्रभारी कोतवाली नगर को दिया गया है।
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