बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र में कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से राजस्व का गबन करने के आरोप में तत्कालीन प्रधान, बीडीओ, एडीओ और तकनीकी सहायक समेत 2 तत्कालीन सचिवों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक उद्योदवनी गांव निवासी हरिकिशुन यादव ने सीजेएम कोर्ट में वाद दाखिल कर आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत उद्योदवनी में वर्ष 2018-19, 2019- 20 व 2021-22 में चौथा राज्य वित्त आयोग, पांचवां राज्य वित्त आयोग, 14वां वित्त आयोग और 15वां वित्त आयोग के तहत कार्य कराए गए हैं। उक्त सूचना के जवाब में तत्कालीन बीडीओ द्वारा एक साइट का नाम देकर खुद अपलोड कर देखने को कहा गया था।
इसके बाद सामने आया कि कई ऐसे कार्यों का भुगतान कराए गए, जो कार्य धरातल पर हुए ही नहीं है। तत्कालीन प्रधान चंद्रावती देवी की ओर से बिना कार्य कराए विधि विरुद्व तरीके से उन कार्यों पर धन का भुगतान करा लिया गया है। तत्कालीन प्रधान द्वारा उपरोक्त कार्यों के बारे में कूटरचित दस्तावेज बनाया गया और राजस्व का गबन किया गया है। बीते तीन मई 2023 को दिए गए आदेश में सीजेएम ने थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज कर रिपोर्ट की प्रति अविलंब न्यायालय में उपलब्ध कराने तथा नियमानुसार विवेचना कर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है।
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