बलिया डेस्क : बलिया की पहचान से जुड़ा है ददरी मेला. हालाँकि इस बार कोरोना की वजह से मेला को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच पूर्व मंत्री नारद राय ने मेला की भव्यता के लिए पचास करोड़ के पैकेज की मांग की है. नारद राय ने मेला के सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व का ज़िक्र करते हुए राज्यपाल के नाम डीएम श्रीहरि प्रताप शाही को ज्ञापन दिया है.
नारद राय ने दादरी मेला और पशु मेला के महत्व का ज़िक्र करते हुए कहा है कि जिस तरह से कोरोनाकाल में कई नियम और शर्तों के साथ कुंभ, माघ मेला और तमाम धार्मिक स्थलों पर आयोजनों की अनुमति दी गयी है, उसी तरह बलिया में भी दादरी मेला की अनुमति प्रशासन दे.
उन्होंने कहा है कि मेला की अनुमति देने के साथ ही अलग अलग हिस्सों से व्यापारियों को यहाँ आमंत्रित करना चाहिए और उनके आने जाने के लिए प्रशासन की तरफ से अनुमति मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा है कि ऐसे तमाम मामले लगातार आ रहे हैं जिसमे पशुपालकों को पशु तस्कर बताकर पुलिस प्रशासन प्रताड़ित कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि नंदी ग्राम में कई राज्यों से पशुवो के व्यापारी आते हैं.
ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि उनके काम में बाधा न उत्पन्न करने. बल्कि उनके व्यापार को और सुगम बनाये ताकि मेले को आर्थिक गति मिल सके. इसके साथ ही नारद राय ने कहा है कि अभी तक फिलहाल दादरी मेला को लेकर प्रशासन की तरफ से न तो कोई फैसला लिया गया है और न कोई सुगबुगाहट दिखाई दे रही है जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है.
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