बलिया में इतना बिजली बिल बकाया है कि जानकर माथा पकड़ लेंगे?

बलिया जिले में एकमुश्त समाधान योजना के तहत बिजली बिल का बकाया भुगतान करवाया जा रहा है। जिले में बिजली बिल का बकाया इतना भारी है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों का माथा झन्नाया हुआ है। प्रचार-प्रसार के बावजूद भी बड़े स्तर पर बकाया भुगतान नहीं हो पा रहा है। अब इसकी गाज विद्युत उपकेंद्रों के जेई पर गिरने लगी है।

बलिया के अधीक्षण अभियंता ने रतसर और बैरिया उपकेंद्र के जेई को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। रतसर उपकेंद्र के तहत 13317 उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया है। एकमुश्त समाधान योजना के तहत रतसर में सिर्फ 192 उपभोक्ताओं ने बकाया भुगतान किया है। तो वहीं बैरिया उपकेंद्र पर 12844 उपभोक्ताओं का बिल बकाया है। एकमुश्त समाधान योजना के तहत अब तक महज 156 उपभोक्ताओं से ही बिजली बिल का बकाया वसूला जा सका है।

धनराशि के हिसाब से रतसर उपकेंद्र में उपभोक्ताओं पर साढ़े सोलह करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है। जबकि बैरिया उपकेंद्र के उपभोक्ताओं पर साढ़े चौदह करोड़ रुपए से अधिक का बिल बकाया है। जिले में बिजली विभाग की ओर से गत 21 अक्टूबर से एकमुश्त समाधान योजना चलाया जा रहा है। जो आने वाले 30 नवंबर तक चलेगा। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को बिजली बिल भरने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन इन दो उपकेंद्रों का प्रदर्शन बेहद धीमा है। इस वजह से अधीक्षण अभियंता आरके जैन ने रतसर उपकेंद्र के जेई जीतेंद्र कुमार और बैरिया उपकेंद्र के जेई विनोद भारद्वाज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

पूरे बलिया जिले में लगभग 3.48 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया है। इन सभी उपभोक्ताओं पर कुल 516 करोड़ रुपए का बकाया है। जिले में बिजली विभाग की ओर से चलाए जा रहे एकमुश्त समाधान योजना के तहत अब तक 5976 उपभोक्ताओं से 2.33 करोड़ की ही वसूली हो सकी है। मीडिया रपटों के मुताबिक एकमुश्त समाधान योजना के तहत लगभग ढ़ाई लाख से अधिक बकायेदारों से 402 करोड़ रुपए का भुगतान कराने का लक्ष्य है।

विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधीक्षण अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने अमर उजाला से बातचीत में बताया है कि “एकमुश्त समाधान योजना के तहत जगह-जगह शिविर का आयोजन किया जा रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष वसूली नहीं हो सकी है। ऐसे में विभाग की तरफ से समीक्षा की जा रही है। बेहतर परिणाम के लिए सभी उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।”

Akash Kumar

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