हार के बावजूद मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं मनोज सिन्हा, ये है वजह

नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इस प्रचंड बहुमत में यूपी का सबसे बड़ा योगदान रहा है जहां पार्टी ने करीब 60 सीटें हासिल करने में सफलता हासिल की है।

लेकिन यहां बीजेपी के लिए जो निराशा की बात रही वो यह कि 16वीं लोकसभा में गाजीपुर से सांसद रहे रेलमंत्री मनोज सिन्हा इस बार के चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाए। मनोज सिन्हा का मुकाबला गठबंधन कैंडिडेट अफजल अंसारी से था। अफजल बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई है।

अफजल और सिन्हा के बीच शुरू से ही कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। अब ऐसे में सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या मनोज सिन्हा एक बार फिर मंत्री पद हासिल कर पाएंगे या नहीं।

सिन्हा को लेकर मीडिया में कई खबरें है ऐसे में एक खबर आ रही है कि हार के बावजूद मनोज सिन्हा का कद कम नहीं हुआ है और उन्हे दोबारा मंत्रीमंडल में शामिल किया जा सकता है। मनोज सिन्हा को पूर्व में रेलमंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके विकासकार्यों के चलते पीएम मोदी एक बार फिर अपने मंत्रीमंडल में उन्हें जगह दे सकते हैं।

राज्यसभा से बनाया जा सकता है सांसद

सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि उन्हें राज्यसभा से सांसद बनाया जा सकते हैं। चुनाव हराने के बाद मनोज सिन्हा से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बात की थी और उन्ही के बुलावे पर गाजीपुर के पूर्व सांसद दिल्ली रवाना हो गये हैं। मनोज सिन्हा को उनके विकास कार्यों के लिए जाना जाता है। उन्होंने बनारस के रेलवे स्टेशन से लेकर गाजीपुर को महत्वपूर्ण ट्रेन देने आदि कार्य किए हैं। इन विकासकार्यों के चलते ही उनकी इमेज एक विकासपुरूष के रूप में बनी हुई है।

पीएम मोदी के करीबी नेताओं में से एक हैं सिन्हा

यूपी के गाजीपुर के रहने वाले सिन्हा पीएम मोदी के खास नेताओं में से एक हैं। दरअसल चुनाव से पहले बीजेपी उन्हें बलिया से चुनाव लड़ाना चाहती थी, क्योंकि माया और अखिलेश के गठबंधन की वजह से बीजेपी नहीं चाहती थी कि वे गाजीपुर सीट से चुनाव लड़ें। इसके बावजूद सिन्हा बलिया सीट से चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हुए और अपने लिए गाजीपुर सीट ही चुनी। बताया जा रहा है कि उन्हें अपने विकासकार्यों को लेकर पूरा विश्वास था जिस वजह से उन्होंने यह सीट अपने लिए चुनी थी।

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