सिकंदरपुर.जब तक आप रोजा रख अल्लाह की इबादत नहीं करते हैं, तब तक आप सच्चे मुसलमान नहीं कहलाते हैं और इसी सोच के साथ सिकंदरपुर के मोहल्ला डोमन पूरा निवासी इम्तियाज अहमद खान के चार साल के बेटे आरिश खान ने शनिवार को पहला रोजा रखा. आरिश ने 15 घंटे रोजा रखकर लोगों को न सिर्फ आश्चर्यचकित किया, बल्कि उन्हें भी आईना दिखाया जो बिना रोजा रखे ही इस्लाम की वकालत करने लग जाते हैं. जब आरिश खान से पूछा गया कि तुम एक छोटे से बच्चे हो, कैसे 15 घंटा बिना जल और अन्न के रह गए तो उसने बताया कि मेरे अम्मी अब्बू ने बताया है कि रोजा रहने से अल्लाह खुश होते है और मांगी हुई मुराद पूरी होती है. रमजान बहुत ही पवित्र महीना है इस महीना में अल्लाह से मांगने वाले हर दुआएं पूरी होती है. खास करके उनकी जो पूरे दिन भूखे और प्यासे रहते हैं.
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