ब’च्चा चो’री के नाम पर अफ़’वाह फैला रहा है ये नेता, बलिया पुलि’स ने नहीं की कार्र’वाई

बलिया– देश में ज़्यादातर मा’ब लिंचिं’ग की घट’नाएं अफ’वाहों की बुनियाद पर हो रही हैं। ऐसे में पुलि’स प्रशा’सन की ज़िम्मेदारी है कि वो इन अफवाहों पर लगाम कसने के लिए सख्त कदम उठाए। लेकिन पुलि’स प्रशासन अपनी ज़िम्मेदारियों के प्रति कितने लापरवाह हैं इसका एक नज़ारा उत्तर प्रदेश के बलिया में देखने को मिला। यहां पुलिस ने नफ़रत फैलाने वाली एक फ़ेसबुक पोस्ट का खंडन करते हुए उसे अफवाह तो बता दिया लेकिन उस अफवाह फैलाने वाले के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की।

दरअसल, बलिया के रहने वाले पुष्कर राय मोनू जो कि खुद को हिन्दू समाज पार्टी का नेता बताता है, ने फ़ेसबुक के ज़रिए एक पोस्ट किया कि शहर में कुछ भिखारी के भेस में निकले हैं जो घरों से बच्चे चुरा रहे हैं। अपनी पोस्ट में लोगों के दिलों में डर और नफ़रत पैदा करने के लिए उसने कहा कि ये लोगों का दिल और कलेजा काटकर निकाल लेते हैं, इसलिए इनसे सावधान रहिए।

दिलचस्प बात तो ये है कि अपनी इस पोस्ट में उसने बलिया पुलिस को भी टैग कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई के नाम पर एक ट्वीट किया, जिसमें बच्चा चोरी की पोस्ट को अफवाह बता दिया गया। पुलिस ने इस मामले में अफ़वाह फैलाने वाले पुष्कर को गिरफ़्तार नहीं किया।

अब सवाल ये उठता है कि पुलिस ने आखिर पुष्कर के खिलाफ कोई एक्शन क्यों नहीं लिया। क्या पुलिस का काम सिर्फ़ पोस्ट को अफवाह बताना मात्र है? क्या नफ़रत के उद्देश से अफ़वाह फैलाना बलिया पुलिस की नज़र में कोई जुर्म नहीं? बलिया पुलिस की हाल की एक कार्रवाई को देखकर तो ऐसा नहीं लगता।

पिछले हफ्ते ही पुलिस ने वॉट्सएप के ज़रिए हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने के मामले में एक युवक को गिरफ़्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से पता चलता है कि सोशल मीडिया के जरिए नफ़रत फैलाना जुर्म तो है लेकिन इस जुर्म की सज़ा किसी हिंदुत्ववादी संगठन से जुड़े शख़्स के लिए नहीं! आपतिजनक टिपण्णी और अफवाह वाले पोस्ट की तुलना करें तो पुष्कर का उद्देश्य ज़्यादा ख़तरनाक नज़र आता है।

वहीं आपतिजनक टिपण्णी वाली पोस्ट पर नजर डालें तो पता चलता है कि इससे भावनाएं तो आहत हो सकती हैं लेकिन किसी की जान को कोई खतरा नहीं। वहीं पुष्कर की पोस्ट को देखने से पता चलता है कि ये एक किसी साज़िश के तहत लिखी गई है। जिसका उद्देश्य लोगों को मॉब लिंचिंग के लिए उकसाना है।

ऐसे में क्या बलिया पुलिस की ज़िम्मेदारी नहीं की वो मॉब लिंचिंग के लिए उकसाने वाले पुष्कर को गिरफ़्तार कर लोगों को भीड़ हिंसा का शिकार होने से बचाए। बता दें की हाल ही मेंझूठी अफवाह के नाम पर बलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बच्चे का इलाज कराने आए पिता की लोगों ने बच्चा चोर समझ कर जमकर धुनाई कर दी थी ।

बलिया ख़बर

Recent Posts

उत्सर्ग व गोंदिया एक्सप्रेस ठहराव पर खुशी, लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

फेफना (बलिया)। क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के नेतृत्व में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे बोर्ड…

7 hours ago

Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…

3 days ago

4 days ago

UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय…

6 days ago

मकर संक्रांति पर टोंस तट पर सजा चिंतामणि ब्रह्म का ऐतिहासिक मेला, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

बलिया जिले की फेफना विधानसभा क्षेत्र के तीखा गांव में टोंस नदी तट पर स्थित…

2 weeks ago

BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!

बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से…

2 weeks ago