बलिया जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बदतर हैं। जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, इसके चलते मरीजों को गंभीर रोगों के इलाज के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है।
अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती के आदेश आ जाते हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं आते। अस्पताल की ओपीडी में रोग विशेषज्ञ गला चिकित्सक की कुर्सी पर ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल आफिसर), एमबीबीएस व आडियोलाजिस्ट मरीजों का इलाज कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन सब कुछ जानने के बावजूद चुप्पी साधे बैठा है।
वरिष्ठ चिकित्सक के अभाव में मरीजों को दूसरे जिलों की ओर रूख करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में कान, नाक (ईएनटी सर्जन), कार्डियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और स्किन रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। अस्पताल प्रशासन द्वारा इनकी नियुक्ति को लेकर कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अब किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई।
अस्पताल में प्रतिदिन 1 से 2 हजार मरीज पहुंचते हैं, निरीक्षण करने मंत्री और अधिकारी भी आते हैं, लेकिन यहां की व्यवस्थाएं जस की तस हैं। वर्षों पूर्व अस्पताल के तीसरे परिसर में कार्डियोलॉजिस्ट भवन में 10 से अधिक बेड संचालित होते थे। अब वह कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव से दशकों से बंद है। उसमें वन स्टाप समार सेंटर व डीबीआर सेंटर चल रहा है।
जिला अस्पताल के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एसके यादव का कहना है कि जिला अस्पताल में मौजूद संसाधन में मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लंबे समय से ईएनटी सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और स्किन रोग सहित अन्य विशेषज्ञ डाक्टरों का पद रिक्त चल रहा शासन से डॉक्टर की मांग की गई है।
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…
सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प…