बलिया डेस्क : एक तरफ जहाँ कोरोना काल में आम इंसान की ज़िन्दगी पूरी तरह से बदल चुकी है और बेरोज़गारी लगातार बढती जा रही है, वहीँ दूसरी तरफ प्रवासी मजदूरों की हालात भी दयनीय बनी हुई है.
लॉक डाउन के बाद का मंज़र शायद ही कोई भूल पाए. इसकी वजह से लाखों प्रवासी मजदूरों को दर दर भटकना पड़ा. अब भी उनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है. ऐसे में अब जासं, रसड़ा में दर्जनों मजदूरों ने सरकारी सहायता नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है.
तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे इन मजदूरों का कहना है कि ग्राम प्रधान और लेखपाल ने उनका नाम सूची में दर्ज नहीं किया, जिसकी वजह से उन्हें सरकार की तरफ से दी जा रही सहायता राशि नहीं मिल पा रही है. मजदूरों के सब्र का बांध अब टूटता दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा है कि अगर प्रदर्शन के बावजूद उन्हें सरकारी सहायता से वंचित रखा गया तो आगे वह अपनी मांग को लेकर आन्दोलन कर सकते हैं. इस प्रदर्शन का नेतृत्व सुभासपा के वरिष्ठ नेता जावेद अंसारी ने किया.
इसके साथ साथ इस दौरान तमाम मजदूर मौजूद थे. आपको बता दें कि इससे पहले 25 जून को ग्राम सभा अठिलापुरा के प्रवासी मजदूरों ने इसी तरह का प्रदर्शन किया था और कहा था कि उन्हें भी सरकारी सहायता नहीं मिल पा रही है.
ऐसे में आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि सरकार की तरफ से किये जा रहे तमाम दावों के बीच ज़मीनी हकीक़त क्या है और किस कदर प्रवासी मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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